प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे दौरे पर हैं और उनके इस दौरे पर भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नॉर्वे दौरा भारत-नॉर्वे संबंधों में एक अहम मील का पत्थर साबित हुआ है। दोनों देशों ने आपसी रिश्तों को 'ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति जताई है।
ग्रीन रणनीतिक साझेदार बने भारत और नॉर्वे
ओस्लो में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रमों के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि यह नई साझेदारी जलवायु कार्रवाई, नवीकरणीय ऊर्जा, मजबूत सप्लाई चेन, हरित प्रौद्योगिकी और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को रणनीतिक दिशा देगी। उन्होंने कहा, 'यह दौरा भारत-नॉर्वे संबंधों के लिए एक विशेष उपलब्धि वाला रहा। दोनों देशों के नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप तक पहुंचाने का फैसला किया है, जिससे जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा और ब्लू इकोनॉमी में सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।'
नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से पीएम मोदी को किया गया सम्मानित
सिबी जॉर्ज ने बताया कि इस दौरे की एक और बड़ी उपलब्धि के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत-नॉर्वे संबंधों और मानवता के हित में प्रधानमंत्री मोदी की असाधारण सेवाओं के लिए प्रदान किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसके लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे भारत की जनता और भारत-नॉर्वे की स्थायी मित्रता को समर्पित किया। समुद्री सहयोग का उल्लेख करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव में शामिल होने के नॉर्वे के फैसले का स्वागत किया है। दोनों देशों ने जहाज निर्माण, ग्रीन शिपिंग, पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, मछली पालन, समुद्री प्रशिक्षण और बंदरगाहों के हरित विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री ने नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान को भारत की जनता को समर्पित किया
इससे पहले सोमवार को नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम ने प्रधानमंत्री मोदी को 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' सम्मान प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के दौरान मिला यह उनका 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को भारत की जनता को समर्पित करते हुए इसे भारत-नॉर्वे मित्रता का प्रतीक बताया।