बीते बुधवार को ताइवार में आए विनाशकारी भूकंप में लापता हुए दो भारतीय नागरिकों पर विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि हम अब उन दो लोगों से संपर्क में हैं, जो भूकंप के दौरान लापता हो गए थे। वे दोनों अब पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग- रणधीर जयसवाल
चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों का नाम बदलने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि हमने इस मुद्दे पर बार-बार बात की है। हमने पिछले कुछ हफ्तों में कुछ बयान दिए थे। एक बार फिर मैं बयान दोहरा देता हूं। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से वास्तविकता नहीं बदलती है। हम पहले ही बोल चुके हैं कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग, अविभाज्य हिस्सा है और आगे भी वैसा ही रहेगा।
हमारे लिए उनकी सुरक्षा महत्वपूर्ण- रणधीर जयसवाल
जी2जी समझौते के तहत भारतीय कामगारों के इस्राइल जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि भारत से लोगों का पहला दल इस्राइल गया है। हमारे लिए उनकी सुरक्षा महत्वपूर्ण है। हमने इस्राइली अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे उनकी देखभाल के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें।
भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापक साझेदारी- रणधीर जयसवाल
भारत और बांग्लादेश संबंधों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत और गहरे संबंध हैं। हमारी बहुत व्यापक साझेदारी है, जो सभी क्षेत्रों में फैली हुई है। अर्थव्यवस्था से लेकर व्यापार, निवेश, विकास सहयोग और कनेक्टिविटी तक संबंध मजबूत हुए हैं।
गहन जांच कर लें कंबोडिया जाने वाले भारतीय
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को कंबोडिया में आकर्षक नौकरी के अवसरों का वादा करने वाले मानव तस्करों के प्रति आगाह किया। दक्षिण पूर्व एशियाई देश में नौकरी के अवसर तलाश रहे भारतीयों से भावी नियोक्ता की पृष्ठभूमि की पूरी तरह से जांच करने का आह्वान किया। जयसवाल ने कहा, यह देखने में आया है कि कंबोडिया में आकर्षक नौकरी के अवसरों के फर्जी वादों से आकर्षित होकर भारतीय नागरिक मानव तस्करों के जाल में फंस रहे हैं। इन भारतीय नागरिकों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और अन्य अवैध गतिविधियों के लिए मजबूर किया जाता है। भारतीय नागरिकों को केवल अधिकृत एजेंटों के माध्यम से बैंकाक जाना चाहिए।
जहां से भी मिलेगा सस्ता, वहां से तेल खरीदेगा भारत
रूसी तेल के मूल्य पर लिमिट निर्धारित करने की प्रक्रिया के दूसरे चरण के बीच विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के फैसले उसकी ऊर्जा सुरक्षा आवश्यकताओं से निर्देशित हैं। जयसवाल ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेल की खरीदारी करता है। उसे जहां भी यह सबसे सस्ती उपलब्ध दर पर उपलब्ध होता है, वहां से तेल की खरीद की जाती है। हमारा मुख्य मुद्दा अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है।