मालेगांव विस्फोट प्रकरण में जेल में बंद लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित को अपने बचाव के लिए रक्षा मंत्री जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराएगा। रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने नौसेना कमांडर कांफ्रेस से इतर कहा कि उन्होंने सेना को इस बारे में कह दिया है कि वह पुरोहित को उनके बचाव के लिए मांगे गए दस्तावेज को उपलब्ध कराए।
हालांकि रक्षा मंत्री ने कहा कि पुरोहित के मामले में निर्णय अदालत को ही करना है, लेकिन उन्होंने सेना को राष्ट्रीय सुरक्षा तथा किसी अन्य सैन्य अधिकारी की पहचान उजागर होने वाले दस्तावेजों को छोड़कर शेष अन्य को उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
कौन है ले. कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित
2008 से मालेगांव ब्लास्ट का षडयंत्र रचने, अभिनव भारत ट्रस्ट से संबंध रखने के आरोप में जेल में हैं। उन पर हत्या और आतंकवाद का षडयंत्र रचने जैसे गंभीर आरोप हैं। पुरोहित 1994 में सेना की मराठा लाइट इंफैंट्री में कमीशन पाए थे। इसी क्रम में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में हुई थी, खराब स्वास्थ्य के चलते उनका डिमोशन कर दिया गया था।
सेना की खुफिया ईकाई एमआई-25(इंटेलीजेंस फील्ड सेक्योरिटी यूनिट) पुरोहित की तैनाती 2002-2005 तक जम्मू-कश्मीर में थी। यह यूनिट सीमा पर दुश्मनों पर नजर रखती है। उनकी तैनाती नासिक(महाराष्ट्र) के पास देवली में यूनिट लाइजन अफसर के रूप में हुई थी।
ऐसा आरोप है कि इस दौरान वह रमेश उपाध्याय के संपर्क में आए। रमेश उपाध्याय के साथ उग्र हिन्दुत्व वाले संगठन अभिनय भारत से जुड़े और आतंकी गतिविधियों में अपना योगदान दिया। ले.क. पुरोहित को अरबिया, हिन्दी,अंग्रेजी, उर्दू समेत कुछ भाषाएं आती हैं।
हाल में एनआईए प्रमुख शरद कुमार ने भी कहा है कि पुरोहित के आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। एनआईए प्रमुख के इस बयान के बाद से पुरोहित को लेकर कयास तेज हो गए हैं।