केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने पाकिस्तान पर आतंकवाद का ‘शिल्पकार व निर्यातक’ बनने का आरोप लगाते हुए कहा, हमने अपने पड़ोसी देश को स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब आतंकी हमलों पर मूक दर्शक नहीं बना रहेगा। किसी भी आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने बुधवार को 12वें दक्षिण एशिया सम्मेलन में ‘भारत की पहले पड़ोस नीति: क्षेत्रीय धारणा’ विषय पर संबोधित किया। उन्होंने कहा, हमारे एक पड़ोसी देश ने अपने क्षेत्रीय संवाद के पहलू के तौर पर स्वेच्छा से आतंकवाद को अपनाया है।
आतंकवाद पर भारत की समान प्रक्रिया ने उन देशों के बारे में हमारी नीति को बेहतर तरीके से उजागर किया है, जो आतंकवाद को अपनी विदेश नीति के उपकरण के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। हमने उन देशों को स्पष्ट कर दिया है कि नया भारत अपनी सरजमीं पर आतंकी हमलों को चुपचाप नहीं झेलता रहेगा।
वी मुरलीधरन ने बालाकोट हमले के संदर्भ में कहा, हमने यह दिखाया है कि भले ही भारत अहिंसा, धैर्य व आदर सत्कार की धरती है, लेकिन हम अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठा सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में ऐसा कोई देश नहीं है, जिसने आतंकवाद की चुनौती का सामना नहीं कर रहा है।
लेकिन एक देश (पाकिस्तान) आतंकवाद का गढ़, वास्तुकार और निर्यातक बन चुका है। कट्टरवाद आतंकवाद का एक अभिन्न अंग है, जो किसी सीमा को नहीं मानता, किसी राष्ट्रीयता को नहीं जानता। हमारे क्षेत्र में कट्टरवाद तेजी से पैर पसार रहा है और सभी को इसके खिलाफ एकजुट होना होगा।
भारत की पड़ोसी पहले नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, पीएम ने हमेशा ही भारत की पड़ोसी नीति पर विशेष जोर दिया है क्योंकि यह विश्व और देश के भविष्य के लिए काफी अहम है। अपने पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध उसकी विदेशी नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।