केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को कहा कि देश के गरीबों का पैसा लूटने वाले बच नहीं पाएंगे। उन्हें गरीबों को पैसा लौटाना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार भगोड़ों पर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। चौधरी ने बेल्जियम में भगोड़े भारतीय व्यवसायी मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि बताया।
केंद्रीय मंत्री चौधरी ने देश का पैसा लूटने वाले अपराधियों को वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने कहा की पीएम मोदी पहले ही कह चुके हैं कि गरीबों का पैसा लूटने वालों को इसे वापस करना होगा। देश में ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
33 लाख करोड़ रुपये के जमानत-मुक्त ऋण स्वीकृत: चौधरी
केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने देश के आर्थिक विकास के विजन के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि पिछले 10 सालों में सरकार ने 52 करोड़ लोगों को 33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के जमानत मुक्त ऋण दिए हैं, ताकि वह अपना कारोबार शुरू कर सकें। उन्होंने बताया कि ऋण 50,000 से 20 लाख रुपये तक के हैं। लाभार्थियों में 68 फीसदी महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि ये ऋण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
चोकसी के भारत प्रत्यर्पण की हो रही तैयारी
सूत्रों के अनुसार, बेल्जियम के अधिकारियों ने पहले मेहुल चौकसी की देश में मौजूदगी की पुष्टि की। बाद में शनिवार को उसे बेल्जियम में गिरफ्तार कर लिया गया। उसके भारत प्रत्यर्पण की तैयारी की जा रही है।
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चोकसी की सेहत का हवाला देकर प्रत्यर्पण का विरोध करने की तैयारी में वकील
इस बीच, सूत्रों ने यह भी बताया कि चोकसी कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों ने दावा किया कि चोकसी के वकील उसके भारत प्रत्यर्पण का विरोध करने और उसकी जमानत कराने के प्रयास में हैं। कानूनी बचाव दल ने दावा किया है कि चोकसी के पास प्रत्यर्पण अनुरोध को चुनौती देने के लिए मजबूत कारण हैं। उन्होंने बताया कि चोकसी की सेहत ठीक नहीं है। वह चोकसी की सेहत और अन्य तर्कों के आधार पर उसके भारत प्रत्यर्पण न करने की अपील करेंगे।
2018 में भारत छोड़कर भाग गया था चोकसी
65 वर्षीय हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी 2 जनवरी, 2018 को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से 12,850 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर भारत छोड़कर भाग गया था। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चोकसी को बैंक धोखाधड़ी के आरोप में वांछित करार दिया। इस घोटाले में चोकसी का भतीजा नीरव मोदी भी शामिल था।
भारत छोड़ने से पहले ली एंटीगुआ की नागरिकता
भारत से भागने के बाद चोकसी अमेरिका गया और बाद में एंटीगुआ में बस गया। हालांकि, भारत छोड़ने से पहले 2017 में ही उसने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी। वहां से जब वह क्यूबा भागने के प्रयास में था तो उसे डोमिनिका में गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, उसके वकील ने दावा किया था कि चोकसी को एंटीगुआ से अगवा किया गया है।
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गिरफ्तारी के बाद डोमिनिका ने चोकसी को एंटीगुआ भेजा
डोमिनिका में गिरफ्तारी के बाद भारत ने चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए अदालत से अपील की, लेकिन डोमिनिका ने उसे वापस एंटीगुआ भेज दिया। बताया जा रहा है कि चोकसी कथित तौर पर बेल्जियम में कैंसर का इलाज कराने के लिए डोमिनिका से गया था।
2014 से 17 के बीच धोखाधड़ी करने का आरोप
मेहुल चोकसी पर आरोप है कि उसने 2014 से 2017 के बीच, अपने सहयोगियों और पीएनबी के अधिकारियों के साथ मिलीभग करके धोखाधड़ी से लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग और फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट हासिल किए। इसके चलते पीएनबी को 6097.63 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
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