भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को लेकर जारी चिंता के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि दोनों देशों के संबंध बहुत मजबूत हैं और हम किसी भी बाधा को दूर कर सकते हैं। सोमवार को भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी मंच के कार्यक्रम में विदेश मंत्री ने कहा, अमेरिका ने व्यापारिक मुद्दे को अपनी विदेश नीति का केंद्र बिंदु बना दिया है।
2018-19 में भारत से अमेरिका को निर्यात 52.4 अरब डॉलर था, जबकि आयात 35.5 अरब डॉलर था। वहीं, 2017-18 में व्यापार घाटा 21.3 अरब डॉलर था जो कि इस वित्तवर्ष में घटकर 16.9 अरब डॉलर रह गया। विदेशी निवेश की बात करें तो 2018-19 में अमेरिका से 3.13 अरब डॉलर का निवेश हुआ। जबकि 2017-18 में यह आंकड़ा दो अरब डॉलर था।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन का अतीत कठिन रहा है, लेकिन दोनों देशों का भविष्य उज्ज्वल है। दोनों देशों के जटिल द्विपक्षीय मुद्दों का हल निकालना संभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हाल की अनौपचारिक वार्ता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने स्पष्ट, खुले दिल और बेबाकी से बातचीत की, यह महत्वपूर्ण है। यदि आप एक-दूसरे से खुलकर बात नहीं कर सकते हैं तो आप सही दिशा में आगे नहीं बढ़ सकते। यह दोनों देशों के मजबूत रिश्तों की बुनियाद है।
उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के बाद जब मैं अमेरिका गया तो पाया कि अंग्रेजी बोलने वाले उदारवादी मीडिया ने इस बारे में पूर्वधारणा बना रखी थी और उसने इसकी निष्पक्ष तस्वीर नहीं दिखाई। विदेश मंत्री ने फिर दोहराया कि अनुच्छेद 370 हटाना पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला था। इस बारे में हमारे पड़ोसी देश ने दुनियाभर में गलतफहमी फैलाई और लोगों की धारणा बदलने की कोशिश की।