फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Milky Seas: सदियों बाद सुलझा समुद्र की रहस्यमयी चमक का राज, चमकदार बैक्टीरिया पैदा करते हैं दूधिया रोशनी

Mon, 29 Dec 2025 06:51 AM IST
लव गौर अमर उजाला नेटवर्क

सार

Milky Seas Mystery Solved: नए वैज्ञानिक डेटा और सैटेलाइट विश्लेषण इस बात के संकेत दे रहे हैं कि यह घटना केवल कहानी या भ्रम नहीं, बल्कि प्रकृति का एक वास्तविक और अत्यंत दुर्लभ रूप है।
विज्ञापन
चमकदार बैक्टीरिया पैदा करते हैं समुद्र में दूधिया रोशनी - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

खुले समुद्र में रात के अंधेरे के बीच अचानक दूधिया रोशनी से चमक उठता पानी, यह दृश्य सदियों से नाविकों को हैरान करता रहा है। इस रहस्यमयी घटना को ‘मिल्की सीज’ कहा जाता है। अब विज्ञान के पास इस दुर्लभ और भयावह-सी दिखने वाली समुद्री चमक के रहस्यों को समझने की ठोस दिशा मिल गई है।
विज्ञापन


नए वैज्ञानिक डेटा और सैटेलाइट विश्लेषण इस बात के संकेत दे रहे हैं कि यह घटना केवल कहानी या भ्रम नहीं, बल्कि प्रकृति का एक वास्तविक और अत्यंत दुर्लभ रूप है। जर्नल ऑफ फिजिकल ओशनोग्राफी, डीप-सी रिसर्च, लिम्नोलॉजी एंड ओशनोग्राफी की रिपोर्ट्स के अनुसार मिल्की सीज का संबंध विशेष प्रकार के चमकदार बैक्टीरिया से है, जो अनुकूल परिस्थितियों में एक साथ विशाल क्षेत्र में सक्रिय हो जाते हैं।

ये सूक्ष्मजीव रासायनिक प्रक्रिया के जरिए लगातार प्रकाश उत्सर्जित करते हैं, जिससे समुद्र की सतह एक समान चमकने लगती है। मिल्की सीज केवल तब बनती हैं, जब समुद्र का तापमान, पोषक तत्व, बैक्टीरिया की मात्रा और मौसम की स्थितियां एक खास संतुलन में हों। यही वजह है कि दुनिया के कुछ चुनिंदा समुद्री क्षेत्रों के हिस्सों में ही इनके अधिक प्रमाण मिले हैं। हालांकि, मिल्की सीज केवल हिंद महासागर तक सीमित नहीं हैं, लेकिन ऐतिहासिक रिकॉर्ड और आधुनिक सैटेलाइट डेटा बताते हैं कि इनकी सबसे अधिक और सबसे स्पष्ट घटनाएं यहीं दर्ज की गई हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: समुद्र: जलवायु संकट के बीच जैव विविधता की नई तस्वीर, वैज्ञानिकों ने गहराई में खोजीं जीवों की 200 नई प्रजातियां
विज्ञापन


कहां से दिखाई देती है यह दुर्लभ घटना
मिल्की सीज आम तौर पर जमीन से दिखाई नहीं देतीं, क्योंकि यह घटना खुले समुद्र के गहरे हिस्सों में होती है, जो तटों से काफी दूर होते हैं। ऐतिहासिक रूप से इन्हें सबसे पहले जहाजों पर मौजूद नाविकों ने ही देखा और दर्ज किया, जब रात के समय समुद्र की पूरी सतह एकसार दूधिया रोशनी में नहाई हुई दिखाई दी। आधुनिक दौर मे सबसे भरोसेमंद माध्यम सैटेलाइट हैं, जो अंतरिक्ष से मीलों तक फैली इस चमक को रिकॉर्ड करते हैं।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें