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चीन के सैन्य वाहन डोकलाम तक भरते हैं फर्राटा, भारत पर बढ़ रहा दबाव

Sat, 16 Dec 2017 10:40 AM IST
शशिधर पाठक/नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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डोकलाम को लेकर चीन लगातार अपना दबाव बढ़ा रहा है। भारत-रूस-चीन के विदेश मंत्रियों की इस सप्ताह नई दिल्ली में बैठक हुई थी। चीन के विदेश मंत्री वांग यी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बीच द्विपक्षीय चर्चा भी हुई थी। इसमें डोकलाम की स्थिति को लेकर चर्चा हुई थी।
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विदेश मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि अभी स्थिति वेट एंड वॉच की ही है। वहीं दूसरी तरफ चीन ने डोकलाम में लगातार अपना सैन्य संसाधन, आवाजाही बढ़ाना जारी रखा है। सेना मुख्यालय के सूत्र भी मानते हैं कि शून्य से नीचे जा चुके तापमान में भी डोकलाम में चीन की सेना तैनात है। 

यह पहली बार हो रहा है जब कड़ाके की ठंड में भी सैन्य तैनाती जारी है। कुल मिलाकर स्थिति यह है कि भारत ने भले ही डोकलाम विवाद के समाधान की उम्मीद दिखाई हो, लेकिन चीन ने अपनी जिद नहीं छोड़ी है। वह भूटान पर भी लगातार इस क्षेत्र से अपना दावा हटाने का दबाव बना रहा है।
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फर्राटा भरते हैं वाहन
चीन ने डोकलाम तक रेल लाइन बिछायी है। इस रेल लाइन पर वह अत्याधुनिक ट्रेन चलाने जा रहा है। इस ट्रेन में सैनिकों के लिए सारी सुविधाएं होंगी। सैनिक डोकलाम तक पहुंचते-पहुंचते न केवल वहां के वातावरण को तत्काल बर्दाश्त करने की स्थिति में आ जाएंगे, बल्कि ट्रेन में उनके लिए जिम आदि की भी व्यवस्था होगी।

इसके अलावा चीन की बख्तरबंद गांडियां, एबीएस सिस्टम से लैस सैन्य वाहन भी डोकलाम तक फर्राटा भरते हुए हैं। सैन्य सूत्र बताते हैं कि विवादित क्षेत्र को छोड़कर उसके बिल्कुल नजदीक तक चीन की तरफ से क्षेत्र में लगातार सैन्य संसाधनों को उपलब्द कराने के लिए आधारभूत संरचना विकास का काम जारी है।

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संसाधन की बाट जोहती सेना
चीन की तुलना में सीमा पर हमारे जवानों के पास संसाधन न के बराबर हैं। यहां तक कि सैन्य वाहन, परिवहन की सुविधा, सीमा पर रशद-सामग्री, हथियार, गोला बारुद पहुंचाने की क्षमता में भी भारत काफी पीछे है। भारतीय जवान आज भी जहां भारी जूते, वजनदार कपड़े, भारी हेलमेट और बुलेट प्रूफ जैकेट से काम चला रहे हैं, वहीं चीन ने अपनी पूरी इंफैट्री को कई गुणा स्मार्ट बना रखा है।

हालांकि भारत सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में सड़कों के विकास आदि पर काफी ध्यान दिया है, लेकिन अन्य संसाधनों के मामले में जवानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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