सैन्य अदालत ने सोमवार को श्रीनगर हेलिकॉप्टर फ्रेट्रिकाइड मामले में दो अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। ये अधिकारी पिछले साल बालाकोट हवाई हमले के अगले दिन श्रीनगर हेलिकॉप्टर फ्रेट्रिकाइड मामले में कथित रूप से शामिल थे। इन दोनों अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही थी।
30 सितंबर तक कोई कार्रवाई नहीं
इस मामले में दोनों अधिकारियों के वकील अंकुर छिब्बर ने कहा, 'अदालत ने सुनवाई के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया यह सीओआई में उल्लंघन है और इसलिए निर्देश दिया है कि उक्त सीओआई और उसके निष्कर्षों के आधार पर 30 सितंबर तक कोई कार्रवाई नहीं की जाए।'
एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था क्रैश
दरअसल, बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद बीते 27 फरवरी की सुबह जब भारत और पाकिस्तान के बीच नौशेरा सेक्टर में हवाई संघर्ष हो रहा था। उसी दौरान बड़गाम में रूस निर्मित वायुसेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था।
वायुसेना के छह जवान हुए थे शहीद
इस घटना में हेलीकॉप्टर में बैठे वायुसेना के छह जवान शहीद हो गए थे, जिसमें दो पायलट और चार अन्य चालक दल के सदस्य शामिल थे। इस घटना को तब अंजाम दिया, जब वे श्रीनगर एयरबेस पर लौट रहे थे।
संचार एवं समन्वय में था काफी अंतर
हालांकि, बाद में जांच में पाया गया था कि ग्राउंड स्टाफ और हेलीकॉप्टर के चालक दल के सदस्यों के बीच संचार एवं समन्वय में काफी अंतर था। इसमें मानक संचालन प्रक्रियाओं के उल्लंघन की भी जानकारी मिली थी।