फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंगाल: हिंदी के सहारे मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में ममता, प्रकोष्ठ की शुरुआत

Mon, 14 Sep 2020 09:31 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
विज्ञापन
ममता बनर्जी - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

पश्चिम बंगाल में 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंदी भाषी मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की है। इसके लिए बनर्जी ने सोमवार को हिंदी प्रकोष्ठ की शुरुआत की। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने हिंदी दिवस के अवसर पर इस प्रकोष्ठ की शुरुआत की। 

विज्ञापन


बनर्जी ने कहा, 'आज हिंदी दिवस है। हम हिंदी से प्यार करते हैं और हिंदी मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। यहां बड़ी संख्या में हिंदी भाषी लोग हैं। मैं एलान करती हूं कि हम यहां एक हिंदी अकादमी की स्थापना करेंगे। इसके लिए एक समिति गठित की गई है।'


पार्टी सांसद दिनेश त्रिवेदी को इस प्रकोष्ठ का चेयरमैन बनाया गया है। वहीं, एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र के संपादक और टीएमसी के पूर्व सांसद विवेक गुप्ता को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। बता दें कि पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में हिंदी भाषा आबादी निर्णायक की भूमिका में है।
विज्ञापन


बनर्जी ने सोमवार को पूर्व रेल मंत्री और पार्टी के गैर-बंगाली चेहरे त्रिवेदी को सोमवार को पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस हिंदी प्रकोष्ठ का चेयरमैन नियुक्त किया। इससे पहले उन्होंने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने हिंदी शिक्षा, संस्कृति और इसके कल्याण के लिए कई पहल की हैं।

टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'उत्तर 24 परगना, सिलीगुड़ी, मध्य कोलकाता, आसनसोल, दुर्गापुर और राज्य के अन्य कुछ इलाकों में हिंदी भाषी आबादी निर्णायक की भूमिका में है। वे कई साल तक हमें वोट देते रहे हैं, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा को वोट दिया। हमें उनके वोट दोबारा हासिल करने हैं।'

ब्राह्मण पुजारियों के लिए मासिक भत्ता व मुफ्त आवास
इसके साथ ही मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार करीब आठ हजार सनातन ब्राह्मण पुजारियों को मुफ्त आवास और एक हजार रुपये का मासिक अनुदान देगी। उन्होंने कहा कि हमने पहले सनातन ब्राह्मण संप्रदाय को कोलाघाट में एक अकादमी स्थापित करने के लिए भूमि प्रदान की थी। 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि इस संप्रदाय के कई पुजारी आर्थिक रूप से कमजोर हैं। हमने उन्हें हर महीने 1,000 रुपये का भत्ता प्रदान करने और राज्य सरकार की आवासीय योजना के तहत मुफ्त आवास प्रदान करके उनकी मदद करने का फैसला किया है।

भाजपा ने की आलोचना, बताया चुनाव से प्रेरित फैसला
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल सरकार के इस कदम को चुनाव प्रेरित करार दिया है। बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि यह प्रकोष्ठ हिंदी भाषी मतदाताओं को नजर में रखते बनाया गया है और तृणमूल कांग्रेस इसे लेकर बहुत गंभीर नहीं है। 

घोष ने कहा, 'यह अच्छी बात है कि उन लोगों को हिंदी का महत्व पता चल गया है जो कहते हैं कि कोई बाहरी बंगाल में शासन नहीं कर सकता। लेकिन हकीकत यह है कि यह प्रकोष्ठ चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है और टीएमसी इसे लेकर बहुत गंभीर नहीं है।'

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें