पूर्वोत्तर के दो राज्यों में मंगलवार भारत-म्यांमार सीमा पर सुबह आतंकवादियों ने असम राइफल्स के शिविर पर हमले किए गए। इसके बाद आतंकवादियों और सु्रक्षाबलों में जबरदस्त मुठभेड़ हुई। सुरक्षाबलों और आतंकवादियों में पहली मुठभेड़ अरुणाच प्रदेश के पंगसौ दर्रे में हुई, जबकि गोलीबारी की दूसरी घटना नगालैंड के नोकलाक जिले में घटी। यह घटना पूर्वोत्तर के आतंकी संगठनों द्वारा स्वतंत्रता दिवस के बहिष्कार के आह्वान के कुछ दिनों में हुई है।
जानकारी के मुताबिक, आतंकियों ने मंगलवार सुबह अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले के तिराप इलाके में भारत-म्यांमार सीमा पार से असम राइफल्स के जवानों पर गोलीबारी की गई। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की। एक जेसीओ के घायल होने की खबर है।
सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक ‘नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड’ (एनएससीएन-केवाईए) और ‘यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम’ उल्फा (आई) के आतंकियों के एक समूह ने असम राइफल्स कैंप पर गोलीबारी की। उग्रवादियों ने शिविर पर हमला करने के लिए रॉकेट से चलने वाले ग्रेनेड और लाथोड बमों का उपयोग किया। जिसके बाद असम राइफल्स के जवानों ने जवाबी गोलीबारी की और उग्रवादियों पर तोबड़तोड़ गोलिया बरसाईं।
इसी तरह से मंगलवार को नागालैंड में आतंकवादियों ने भारत-म्यांमार सीमा पर नगालैंड के नोकलाक जिले के दान पांग्शा इलाके में असम राइफल्स के जवानों पर हमला किया। इसके बाद, क्षेत्र में असम राइफल्स के जवानों और आतंकवादियों के बीच भारी गोलाबारी हुई।
सुरक्षाबलों ने इन हमलों को अंजाम देने वाले उग्रवादियों का पता लगाने के लिए भारत-म्यांमार सीमा पर पास एक बड़ा अभियान शुरू किया है। बता दें कि पंगसौ दर्रा अरुणाचल प्रदेश के सबसे दूरस्थ इलाकों में शामिल है। पूर्वोत्तर के अधिकतर उग्र समूहों के कैंप म्यांमार के जंगलों में ही हैं।