मिग 21 बनाम एफ-16 लड़ाकू विमान
- फोटो : Amar Ujala
भारत और पाकिस्तान में सीमा पर छिड़े तनाव के बीच दोनों देशों की सैन्य शक्ति पर भी चर्चा होने लगी है। भारत के मिराज-2000 ने जिस तरह पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को तबाह किया उसके बाद पाकिस्तान भी आज भारत की सीमा में दाखिल हुआ। जिसके बाद उसके एफ-16 विमान को मार गिराया गया। इस बीच भारत का एक मिग-21 भी लापता हो गया है।
मिग-21 की खासियतें
- मिग-21 सोवियत रूस का बनाया हुआ लड़ाकू विमान है। जिसे पश्चिम में फिशबेड नाम से भी जाना जाता है। पहली बार ये 1972 में सेवा में आया। तब से अब तक मिग में कई बदलाव हुए हैं।
- मिग-21 खासी तादाद में गोला-बारूद ले जाने में सक्षम है।
- कॉकपिट के बायीं ओर से गोलियां बरसाने का इंतजाम है। 420 राउंड ले जाए जा सकते हैं।
- हवा से हवा और हवा से जमीन तक मार करने वाली मिसाइलें ले जाइ जा सकती हैं।
- 1000 किलो तक के वजन वाले कई तरह के बम भी मिग-21 के जरिए ले जाकर दुश्मन पर बरसाए जा सकते हैं। इनमें केमिकल और क्लस्टर बम भी शामिल हैं।
- कुल 2000 किलो तक का गोला बारूद मिग पर लोड किया जा सकता है।
- मिग-21 की अधिकतम रफ्तार 2230 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है।
एफ-16 की खासियतें
- एफ-16 को फाइटिंग फाल्कन और वाइपर नामों से भी जाना जाता है। इसका निर्माण अमेरिका करता है।
- ये दुनिया के सबसे मशहूर लड़ाकू विमानों में से है।
- हवा से हवा में मार करने वाली 6 मिसाइलें ले जाने में सक्षम। हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें ले जाना संभव।
- कुछ परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम।
- 9 जगहों पर बम और मिसाइलें फिट की जा सकती हैं।
- ये हर मौसम में अपने लक्ष्य का निर्धारण कर सकता है।
- अधिकतम रफ्तार 2414 किलोमीटर प्रति घंटा