केंद्र सरकार की ओर से लगातार दबाव के बाद माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने 97 फीसदी अकाउंट्स ब्लॉक कर दिए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना और प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने 'भड़काऊ कंटेंट' से संबंधित पोस्ट करने वाले कई अकाउंट्स को ब्लॉक करने की मांग की थी। ये वो खाते हैं, जो 'किसान जनसंहार' जैसे हैशटैग का इस्तेमाल कर रहे थे।
सूत्र ने जानकारी दी कि सीपीएम नेता मोहम्मद सलीम और कारवां मैगजीन के जैसे अकाउंट्स काम कर रहे हैं। एक सरकारी सूत्र ने जानकारी दी कि ट्विटर के इस कदम की हम सराहना करते हैं। सूचना और प्रोद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय प्रकाश साहनी ने कहा कि ट्विटर को इसका पालन करना चाहिए।
उन्होंने आगे साफ किया कि जो विवादित हैशटैग ट्विटर पर चलाया गया था, वो ना ही पत्रकारीय आजादी है और न ही भारतीय संविधान के तहत प्रदान किए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है। क्योंकि ऐसे गैर जिम्मेदाराना हैशटैग सिर्फ लोगों को भड़का सकते हैं और स्थिति खराब कर सकते हैं।