500 और 1000 के पुराने नोट पर बंदी के बाद पूरे देश में लोग परेशान हैं। इसे देखते हुए सरकार ने दो लाख माइक्रो एटीएम के जरिए लोगों को राहत पहुंचाने की कोशिश की है। बताया जा रहा है कि इन माइक्रो एटीएम से हर हफ्ते करीब 70,000 ट्रांजेक्शंस हो सकते हैं।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स की इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने शहरी और अर्द्ध शहरी इलाकों में तकरीबन 90 हजार और ग्रामीण इलाकों में एक लाख 10 हजार माइक्रो एटीएम एक्टिव करने के निर्देश दिए हैं।
जानें माइक्रो एटीएम की खाशियत
- इसमें हैंडहेल्ड डिवाइस होती हैं, जिनमें जीपीआरएस लगा होता है।
- इसमें फिंगरप्रिंड स्कैनर होता है, जो इसे आधार कार्ड के अनुकुल बनाता है।
- कस्टमर को एटीएम की तरह अपने डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करना होता है।
- कार्ड को स्वाइप करते वक्त माइक्रो एटीएम इसे कोर बैंकिंग सिस्टम से कनेक्ट कर देता है।
केंद्र सरकार ने कहा है कि एटीएम में जुट रही भीड़ को देखते हुए माइक्रो एटीएम तैनात किए जाएंगे। छह महीने में दो लाख नए प्वाइंट्स जोड़ने का लक्ष्य है। वित्त मंत्रालय जल्द ही लॉन्च हो रहे पेमेंट्स बैंकों का भी सहारा ले रही है।
संसद में हो सकता है हंगामा
दिन में बंद रहे सभी एटीएम
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
वहीं, बुधवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में नोट बंदी के मामले में हंगामा तय है। सत्र शुरू होने से दो दिन पूर्व एकजुट विपक्ष और सरकार ने एक दूसरे पर इस मुद्दे पर हमला बोलने की ठोस रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस, टीएमसी, भाकपा, माकपा, राजद, जदयू, वाईएसआर कांग्रेस और झामुमो ने संयुक्त बैठक कर जहां इस निर्णय के कारण लोगों को हो रही परेशानी को मुद्दा बना कर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।
वहीं प्रधानमंत्री की अगुवाई में हुई भाजपा संसदीय समिति की बैठक में विपक्ष पर जवाबी हमला बोलने की रणनीति तैयार हो गई है। इस बैठक में पीएम मोदी ने विपक्ष के दबाव में न झुकने की बात कही है। शीत सत्र में नोट बंदी के मामले में हंगामे की जमीन तैयार हो गई है। कांग्रेस के राज्यसभा में संसदीय दल के नेता गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, सीपीआई के डी राजा, राजद के प्रेम चंद गुप्ता सहित कुछ नेताओं ने बैठक कर सरकार पर एकजुट हमले की रणनीति बनाई।