गृह मंत्रालय की टीम ने सात आदिवासी होहो (संगठनों), पूर्वी नागालैंड महिला संगठन, पूर्वी नागालैंड छात्र संघ, गाँव बुराह (ग्राम प्रधानों) और क्षेत्र के छह जिलों के उपायुक्तों और एसपी के नेताओं से मुलाकात की।
पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड के विभाजन का मुद्दा काफी जोर पकड़ रहा है, जिस पर केंद्र सरकार लगातार अपनी नजर बनाए हुए है। वहीं मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार ने गृह मंत्रालय की तीन सदस्यीय टीम शुक्रवार को नगालैंड के त्युएनसांग पहुंच गई। वहीं गृह मंत्रालय की एक टीम सोमवार को यहां अधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों से मिल सकती है और मामले पर सरकार की राय जान सकती है।
विज्ञापन
गृह मंत्रालय (पूर्वोत्तर) के सलाहकार एके मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय टीम, जिसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो के संयुक्त निदेशक मनदीप सिंह तुली और गृह मंत्रालय (एमएचए) के पूर्वोत्तर डिवीजन के निदेशक एके ध्यानी शामिल हैं, रविवार को राज्य की राजधानी पहुंचे। टीम शुक्रवार से पूर्वोत्तर राज्य पहुंची और त्युएनसांग में ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) के पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में बैठक की।
शनिवार को, उन्होंने सात आदिवासी होहो (संगठनों), पूर्वी नागालैंड महिला संगठन, पूर्वी नागालैंड छात्र संघ, गाँव बुराह (ग्राम प्रधानों) और क्षेत्र के छह जिलों के उपायुक्तों और एसपी के नेताओं से मुलाकात की।
विज्ञापन
इस बीच, ईएनपीओ को अलग राज्य का दर्जा देने की मांग पर बात करने वाली टीम के नेता और पूर्व विधायक के असुंगबा संगतम ने बताया कि केंद्रीय तथ्यान्वेषी दल ने उनके विचारों और अन्य संगठनों द्वारा व्यक्त की गई राय पर गौर किया। वहीं गृह मंत्रालय की टीम के दौरे के बाद ईएनपीओ ने सोमवार को केंद्रीय कार्यकारी समिति की बैठक बुलाई है।