150th Birth Anniversary of Sardar Patel: बिहार की राजधानी पटना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस मुख्य रूप से 31 अक्तूबर को मनाए जाने वाले 'राष्ट्रीय एकता दिवस' यानी सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के सिलसिले में आयोजित की गई है।
पटना में आज केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संबोधित किया, इस दौरान उनके साथ केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय भी मौजूद रहे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल व्यक्ति नहीं, एक विचारधारा हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरदार पटेल आजादी की रीढ़ रहे हैं और देश निर्माण में सरदार पटेल का योगदान बेहद अहम है।
एकता नगर केवड़िया कॉलोनी में भव्य परेड
इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रद्धेय सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में एकता नगर केवड़िया कॉलोनी में जो भव्य परेड का आयोजन हो रहा है। उसकी सूचना देने के लिए सभी को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि, हम सभी जानते हैं कि सरदार पटेल जी का आजादी के बाद देश को एक करने में और आज के भारत के निर्माण में और एक भारत बनाने में कितना बड़ा योगदान है।
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सरदार पटेल जी 150वीं जयंती पर विशेष आयोजन
इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- सरदार पटेल जी 150वीं जयंती पर विशेष आयोजन किया गया है और गृह मंत्रालय ने ये भी तय किया है कि आज के बाद हर 31 अक्तूबर को इसी प्रकार की भव्य परेड का आयोजन होगा। ये परेड देश की एकता और अखंडता को सुनिश्चित करने के लिए जो सभी सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्सेस हैं और हर राज्य की पुलिस बल है, उनके सम्मान में आयोजित किया जाता है और सरदार पटेल जी, जो देश की एकता और अखंडता की प्रतिमूर्ति हैं, उनकी प्रतिमा के सामने आयोजित होगा।
रन फॉर यूनिटी का बड़े स्तर पर आयोजन- अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा इस बार रन फॉर यूनिटी को भी बड़े स्तर पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। देश के सभी राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, जिला, पुलिस स्टेशन, सभी स्कूल और विश्वविद्यालय में रन फॉर यूनिटी का आयोजन हुआ है। देश के प्रत्येक नागरिक के लिए देश की एकता और अखंडता के लिए शपथ लेने का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस बार 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक भारत पर्व का आयोजन एकता नगर में किया गया है, जो 1 नवंबर से 15 नवंबर भगवान बिरसा मुंडा की जयंती तक चलेगा और 15 नवंबर को जनजातीय संस्कृति और उनके सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक भव्य कार्यक्रम के साथ इसका समापन होगा।