गृह मंत्रालय ने कहा कि अवैध घुसपैठ के कारण जनसंख्या संरचना में बदलाव अब केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। केंद्र सरकार ने इस मुद्दे की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन किया है।
केंद्र सरकार ने देश में अवैध घुसपैठ और असामान्य जनसंख्या बदलावों को लेकर चिंता जताई है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि अवैध प्रवास के कारण होने वाले जनसांख्यिकीय बदलाव अब केवल सीमावर्ती जिलों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उनका असर शहरी क्षेत्रों, औद्योगिक गलियारों, आदिवासी इलाकों और सामाजिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। इसी मुद्दे की विस्तृत जांच और अध्ययन के लिए केंद्र सरकार ने एक हाई लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंजेज का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर करेंगे।
समिति यह भी सुझाव देगी कि देश में रह रहे अवैध प्रवासियों की पहचान, हिरासत और निर्वासन के लिए किस तरह की कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था बनाई जाए।
सीमा प्रबंधन और निगरानी पर भी जोर
गृह मंत्रालय ने कहा कि समिति सीमा प्रबंधन को मजबूत करने, जनसंख्या स्थिरीकरण और पहचान प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए भी सुझाव देगी। साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय के लिए व्यापक नीति ढांचा तैयार करने की सिफारिश भी करेगी।