महाराष्ट्र राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने अपनी ही पार्टी के नेताओं के प्रति गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि जब विपक्षी दल उन्हें और प्रफुल्ल पटेल को निशाना बना रहे थे, तब पार्टी के किसी भी साथी ने उनका बचाव नहीं किया। तटकरे ने यह भावुक बात मंगलवार रात मुंबई में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में कही। यह बैठक उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के सरकारी आवास देवगिरी पर आयोजित की गई थी।
अजीत पवार के निधन के बाद अब उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार एनसीपी की कमान संभाल रही हैं। इस बैठक में पार्टी के कई मंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद थे, हालांकि प्रफुल्ल पटेल इसमें शामिल नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार, तटकरे ने बैठक में अपना दुख साझा करते हुए कहा कि जब उन पर हमले हो रहे थे, तब पार्टी का कोई भी नेता उनके समर्थन में खड़ा नहीं हुआ।
दरअसल, शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) लगातार तटकरे और प्रफुल्ल पटेल को निशाना बना रही है। विपक्षी दल उन पर आरोप लगा रहा है कि वे अजीत पवार की मृत्यु के बाद पार्टी पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि इसी साल 28 जनवरी को बारामती में एक विमान हादसे में अजीत पवार का निधन हो गया था। तटकरे की बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्री छगन भुजबल ने उन्हें सलाह दी। भुजबल ने कहा कि पुरानी बातों को पीछे छोड़कर अब बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करना ही सबसे अच्छा रास्ता है।
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बैठक के दौरान सुनेत्रा पवार ने सभी नेताओं को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। इस बैठक में उनके बेटे पार्थ और जय पवार भी मौजूद थे, जो पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का हिस्सा हैं। बैठक में उस पत्र पर कोई चर्चा नहीं हुई जो पिछले महीने सुनेत्रा पवार ने चुनाव आयोग को भेजा था। उस पत्र में तटकरे और पटेल के पदों का उल्लेख नहीं था। पार्टी ने इसे एक 'लिपिकीय गलती' बताया है और कहा है कि इसे सुधार कर जल्द ही नया पत्र भेजा जाएगा।
बैठक में 10 जून को होने वाले पार्टी के स्थापना दिवस की तैयारियों और बूथ स्तर के एजेंटों की नियुक्ति पर भी चर्चा हुई। सभी नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में काम करने का संकल्प लिया। वर्तमान में एनसीपी महाराष्ट्र में बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर सरकार का हिस्सा है।