केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि वर्ष 2011 से एक मार्च 2021 के बीच केंद्रीय सशस्त्र बलों यानी सीएपीएफ और असम राइफल्स के 81,007 जवानों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली और 15,904 ने त्यागपत्र देकर नौकरी छोड़ दी। कांग्रेस सांसद दीपक बैज के एक सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार इन वर्षों के दौरान वीआरएस लेने वालों या इस्तीफा देने वालों की संख्या हर साल कम-ज्यादा होती रही। सेवाएं छोड़ने की वजह को लेकर कोई विशेष अध्ययन नहीं कराया गया है।