महाराष्ट्र पर्यटन विभाग 26 जनवरी से दिल्ली में शुरू हो रहे भारत पर्व 2026 में राज्य की प्रमुख पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करेगा। यह आयोजन गणतंत्र दिवस समारोह के तहत केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा किया जाता है, जिसमें देश की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर दिखाया जाता है।
भारत पर्व में महाराष्ट्र सरकार लाल किले के लॉन और ज्ञान पथ पर एक विशेष पवेलियन लगाएगी। यहां राज्य की ऐतिहासिक विरासत, सुंदर समुद्र तटों, और छत्रपति शिवाजी महाराज के समय के प्रसिद्ध किलों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा लोक कला, पारंपरिक नृत्य, हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव संजय खंडारे ने कहा कि इस आयोजन से देशभर के पर्यटक और उद्यमी महाराष्ट्र के पर्यटन क्षेत्र से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित होंगे। वहीं, पर्यटन निदेशक बी. एन. पाटिल ने बताया कि पवेलियन में आने वाले लोगों को महाराष्ट्र की संस्कृति और मेहमाननवाजी का जीवंत अनुभव मिलेगा।
भारत पर्व 2026 में गणतंत्र दिवस परेड की झांकियों की प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, फूड कोर्ट और हस्तशिल्प स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटकों और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के आने की उम्मीद है। इससे महाराष्ट्र को अपने पर्यटन को बढ़ावा देने का अच्छा मौका मिलेगा।
सांविधान को कमजोर करने की चल रही साजिश: सिद्धारमैया
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को चेतावनी दी कि संविधान को कमजोर करने और सांविधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता खत्म करने की एक 'साजिश' चल रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशों से संविधान के अप्रासंगिक बनने का खतरा है। उन्होंने गणतंत्र दिवस के मौके पर लोगों से संविधान की रक्षा करने का संकल्प लेने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने यह बात राज्य के लोगों के नाम अपने 77वें गणतंत्र दिवस के संदेश में कही।
सिद्धारमैया ने कहा कि जो लोग संविधान का विरोध कर रहे हैं, वे सामाजिक बदलाव और सामाजिक न्याय के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग गरीबों, किसानों, मजदूरों, दलितों और शोषित वर्गों के हित में बने कानूनों और योजनाओं का भी विरोध करते हैं, जिसे जनता को समझना चाहिए। उन्होंने एक बयान में कहा कि जब बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर ने देश को संविधान दिया था, तब भी कुछ लोग इसके विरोध में थे। आज भी कहीं-कहीं संविधान को बदलने या खत्म करने की बातें सुनाई देती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग जानते हैं कि संविधान को सीधे खत्म करना आसान नहीं है, वे इसे धीरे-धीरे कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। यह एक खतरनाक साजिश है, जो धीरे-धीरे जहर की तरह फैल रही है। हमें सांविधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता छीनकर संविधान को कमजोर करने की इस साजिश से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम संविधान की रक्षा करेंगे, तो संविधान हमारी रक्षा करेगा और देश सुरक्षित रहेगा। इसी भावना के साथ उन्होंने गणतंत्र दिवस पर सभी से संविधान की रक्षा का संकल्प लेने का आग्रह किया।