यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे विदेश राज्यमंत्री एम जे अकबर रविवार को भारत लौटेंगे। भाजपा उनका पक्ष सुनने के बाद ही मामले में रुख स्पष्ट करेगी। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि उन पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं और उनके मंत्री बने रहने की कोई गारंटी नहीं है।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी उनके विकल्प पर विचार कर रही है, लेकिन अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही करेंगे। वहीं पार्टी के भीतर एक मत यह भी है कि एम जे अकबर के खिलाफ कोई कानूनी केस दर्ज नहीं है और जो आरोप उन पर लगाए गए हैं वे उनके मंत्री बनने से बहुत पहले के हैं।
लिहाजा उनका मानना है कि पहले अकबर के सफाई देने के बाद ही आगे कोई कदम उठाया जाए। गौरतलब है कि पत्रकार रहते हुए अकबर पर कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। विपक्ष भी लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है।