इस बार देश में मई महीने में ही मानसून की दस्तक हो गई है। देश के दक्षिणी हिस्सों में लगातार भारी बारिश हो रही है। मई महीने में भारत के कई राज्यों में हुई बारिश जिसने कई दशक के रिकॉर्ड धवस्त कर दिए हैं। साथ ही मई में गर्मी का अहसास ही नहीं हो रहा है। अब मौसम विभाग ने जून महीने के मौसम को लेकर भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग ने कहा है कि देश में जून में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। देश के अधिकांश इलाकों में अधिकतम तापमान ठीक रहेगा। इससे साफ है कि इस बार जून में गर्मी बेहाल नहीं करेगी।
एक कार्यक्रम में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम रविचंद्रन ने कहा कि जून में देश भर में बारिश 166.9 मिमी के दीर्घावधि औसत से 108 प्रतिशत अधिक होने की संभावना है। हालांकि देश के कुछ दक्षिणी हिस्सों और उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
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वहीं आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि अच्छी बारिश के कारण उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम अधिकतम तापमान रह सकता है। बादल छाए रहने से मध्य भारत और उससे सटे दक्षिण के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
जून से सितंबर तक 106 फीसदी बारिश का अनुमान
आईएमडी के महानिदेशक ने कहा कि जून से सितंबर तक देश में औसत 87 सेमी तक 106 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य बारिश होने की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इस मौसम में मानसून कोर जोन में सामान्य से अधिक बारिश (दीर्घ अवधि औसत का 106 प्रतिशत से अधिक) होने की संभावना है। इस जोन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और आस-पास के क्षेत्र शामिल हैं। लद्दाख, हिमाचल प्रदेश के समीपवर्ती क्षेत्रों, पूर्वोत्तर राज्यों तथा बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश भागों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, केरल और तमिलनाडु के कुछ अलग-अलग क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है।
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2009 के बाद पहली बार जल्दी आया मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 मई को केरल पहुंचा, जो 2009 के बाद से भारतीय मुख्य भूमि पर इसका सबसे पहले आगमन था। मुंबई में बारिश सामान्य तिथि से 16 दिन पहले ही शुरू हो गई। दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर एक जून तक केरल में प्रवेश करता है, 11 जून तक मुंबई पहुंचता है और 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटना शुरू कर देता है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है। केरल या मुंबई में जल्दी या देर से आने वाले मानसून का मतलब यह नहीं है कि यह देश के अन्य हिस्सों को भी कवर करेगा। यह बड़े पैमाने पर परिवर्तनशीलता और वैश्विक, क्षेत्रीय और स्थानीय विशेषताओं द्वारा पहचाना जाता है।
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