महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र सहित चार उपसंभागों में ‘बेहद कम’ बारिश हुई है। इन क्षेत्रों के जलाशयों में भंडारण बिलकुल निचले स्तर पर पहुंचने के कारण यहां सूखे जैसी स्थिति है। पूर्वी मध्य प्रदेश उपसंभाग में भी ‘बेहद कम’ वर्षा दर्ज हुई है।
मध्य भारत के गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ उपसंभागों में भी ‘कम’ वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि चक्रवात 'वायु' ने जरूर बारिश की कमी से कुछ राहत दिलाई है। इन दो उपसंभागों में नौ जून तक बारिश की कमी 100 प्रतिशत तक थी।
दक्षिणी प्रायद्वीप संभाग के 10 में से 8 संभाग में बेहद कम बारिश दर्ज की गई। इन दो संभागों में अंडमान और निकोबार द्वीप संभाग में अतिरिक्त बारिश जबकि लक्षद्वीप में सामान्य बारिश दर्ज की गई। भीषण जल संकट से जूझ रहे चेन्नई, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल उप संभाग में करीब 38 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई।
हालांकि स्थिति में थोड़ा सुधार दिख रहा है। मौसम विभाग ने रविवार को कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, मराठवाड़ा और विदर्भ के अधिकतर हिस्सों में मानसून आगे बढ़ा है।