मौसम विभाग के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने सोमवार को ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। पश्चिमी और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य रहने की उम्मीद है, मगर अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम पारा भी सामान्य से अधिक रहेगा। अप्रैल से जून तक उत्तर और पूर्वी भारत, मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में सामान्य से दो से चार दिन अधिक लू चलने की आशंका है। आमतौर पर भारत में अप्रैल से जून तक चार से सात दिन लू चलती है।
महापात्र ने कहा, जिन राज्यों में सामान्य से अधिक गर्म हवाएं चलने की संभावना है, उनमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, प. बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तथा कर्नाटक और तमिलनाडु के उत्तरी भाग शामिल हैं। पूर्वी यूपी, झारखंड, छत्तीसगढ़ व ओडिशा समेत कुछ राज्यों में इस दौरान 10 से 11 दिन लू चलने की संभावना है।
मुंबई में हीटवेव का अलर्ट
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विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में 2025 में गर्मी की लहर बहुत पहले आ जाएगी। 2024 में, 5 अप्रैल को ओडिशा में गर्म हवाएं चलनी शुरू हुई थीं, पर इस साल कोंकण और तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में 27-28 फरवरी को ही गर्म हवाएं चलने लगीं।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले साल अलग-अलग राज्यों में लू के कुल 536 दिन दर्ज किए गए। यह 14 साल में सबसे ज्यादा थे। इस दौरान देश में सबसे गर्म और सबसे लंबी अवधि वाले लू के दौरान हीट स्ट्रोक के 41,789 संदिग्ध मामले और गर्मी से संबंधित 143 मौतें दर्ज की गईं।
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अप्रैल से ही झेलनी होगी भीषण तपिश
मौसम विभाग के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अप्रैल में अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, सुदूर दक्षिणी और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों के कुछ इलाकों में तापमान सामान्य रह सकता है। महापात्र ने कहा, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व में कुछ स्थानों पर तापमान सामान्य से कुछ कम भी रहेगा, लेकिन इसे छोड़कर न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा।
अस्पतालों को तैयारी रखने का केंद्र ने दिया है निर्देश
पिछले सप्ताह, केंद्र सरकार ने राज्यों से यह जांच करने को कहा था कि क्या उनके अस्पताल तापमान में वृद्धि के बीच हीटस्ट्रोक और गर्मी से संबंधित बीमारियों से निपटने के लिए तैयार हैं। राज्यों को अस्पतालों में ऐसे उपाय करने के लिए कहा गया है कि लू के शिकार लोगों को तत्काल शरीर का तापमान कम करने में मदद मिले।
10 फीसदी तक बढ़ जाएगी बिजली की मांग
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत को इस बार गर्मी के दौरान बिजली की मांग में 9 से 10 प्रतिशत वृद्धि के लिए तैयार रहना चाहिए। पिछले साल, देशभर में बिजली की अधिकतम मांग 30 मई को 2,50,000 मेगावाट को पार कर गई थी। यह पूर्वानुमान से 6.3 प्रतिशत अधिक था।
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अप्रैल में औसत से 88 से 112% वर्षा
आईएमडी ने कहा कि अप्रैल में 39.2 मिमी के दीर्घकालिक औसत से 88 से 112% वर्षा होने की उम्मीद है। उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पश्चिम-मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। पश्चिमी घाट में केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भूस्खलन हो सकता है और पूर्वोत्तर राज्यों को अप्रैल में बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।
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