दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी मेटा इंडिया के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजीत मोहन ने गुरुवार को एक थिंक टैंक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने इंटरनेट और इसकी सुरक्षा के संबंध में भारत सरकार और उसकी नीति की सराहना की।
मोहन ने कहा, हम सरकारी विनियमन (रेगुलेशन) का स्वागत करते हैं। भारत में सरकार इंटरनेट सुरक्षा के लिए कंपनियों को जवाबदेह ठहराने को लेकर मुखर रही है और हम इस एजेंडे के साथ पूरी तरह से जुड़े हुए हैं।
मेटा अन्य उत्पादों (प्रोडक्ट्स) और सेवाओं के अलावा फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप का मालिक है। इसे पहले फेसबुक इंक के नाम से जाना जाता था। मोहन ने आगे कहा, जिस तरह से भारत सरकार ने देश में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं को व्यावहारिक रूप से बढ़ावा दिया है..वह उल्लेखनीय है।
मेटा इंडिया के प्रमुख ने बताया कि भारत कैसे वायरलेस का केंद्र है। उन्होंने कहा, हमने भारत में वायरलेस की ताकत देखी है। भारत में डिजिटल बदलाव कोविड-19 महामारी से पहले शुरू हो गया था। कम लागत वाला 4जी डिजिटल क्रांति के लिए एक प्रमुख अत्प्रेरक रहा है।
मोहन ने आगे कहा, भारत की डिजिटल क्रांति सोशल मीडिया और इंटरनेट सेवाओं तक ही सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह बड़े व्यवसायों में तब्दील हो गई है और उच्च गुणवत्ता वाली इंटरनेट सेवाओं के जरिए स्टार्टअप, उद्यमियों और लेन-देन के क्षेत्र में अवसर पैदा कर रही है।
चर्चा के दौरान मेटा प्रमुख ने आगे कहा, महामारी ने लोगों को और अधिक डिजिटल होने के लिए मजबूर किया। अब हम ऐसे चरण में हैं, जहां एक अरब से ज्यादा लोगों की पहुंच उच्च गुणवत्ता वाले इंटरनेट तक है, जो हमारे अधिकांश सेवाओं का अनुभव करने के तरीके को बदल देगा। डिजिटल अर्थव्यवस्था ने उद्यमिता में तेजी ला दी है।
उन्होंने आगे कहा, यदि हम एक ऐसा मंच तैयार करते हैं, जो छोटे व्यवसायों को सक्षम बनाता है, तो इससे हमें कई लाभ भी होते हैं। हमने न केवल बड़े ग्राहकों को बल्कि छोटे व्यवसायों की सेवा करके खुद को अलग बनाया।