Politics: किसी ब्राहमण या नायडू को दिया जाये जनजातीय मामलों का विभाग', सुरेश गोपी के बयान पर केरल में विवाद
Sun, 02 Feb 2025 07:21 PM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली
सार
जनसभा में बोलते हुए सुरेश गोपी ने कहा कि जनजातीय कल्याण में वास्तविक प्रगति तभी संभव होगी जब मंत्रालय की जिम्मेदारी ‘ सवर्ण जाति’ के नेता संभालेंगे। उन्होंने कहा कि यह हमारे देश का अभिशाप है कि केवल आदिवासी समुदाय से आने वाले व्यक्ति को ही जनजातीय मामलों का मंत्री बनाया जा सकता है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने रविवार को यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि जनजातीय मामलों का मंत्रालय ‘सवर्ण जाति’ के लोगों को संभालना चाहिए। अभिनय जगत से राजनीति में आए गोपी ने दिल्ली विधानसभा के लिए भाजपा के पक्ष में प्रचार करने के दौरान एक जनसभा में यह बात कही। अब उनके इस बयान पर केरल में विवाद शुरू हो गया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव बिनय विश्वम ने इसकी आलोचना की है। हालांकि वे बाद में अपने बयान से पलट गए। उन्होंने कहा कि कि उनका बयान अच्छे इरादों के साथ दिया गया था। उन्होंने कहा कि अगर मेरी टिप्पणी को अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली या यह स्पष्टीकरण असंतोषजनक है तो मैं अपनी टिप्पणी वापस ले लेता हूं। उनका इरादा भेदभाव ख़त्म करना था।
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और क्या बोले सुरेश गोपी
जनसभा में बोलते हुए सुरेश गोपी ने कहा कि जनजातीय कल्याण में वास्तविक प्रगति तभी संभव होगी जब मंत्रालय की जिम्मेदारी ‘ सवर्ण जाति’ के नेता संभालेंगे। उन्होंने कहा कि यह हमारे देश का अभिशाप है कि केवल आदिवासी समुदाय से आने वाले व्यक्ति को ही जनजातीय मामलों का मंत्री बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा, यह मेरा सपना और उम्मीद है कि आदिवासी समुदाय के बाहर से किसी को उनके कल्याण के लिए नियुक्त किया जाना चाहिए। किसी ब्राह्मण या नायडू को जिम्मेदारी दी जाए, इससे महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। इसी तरह, आदिवासी नेताओं को अगड़े समुदायों के कल्याण के लिए विभाग दिया जाना चाहिए। बता दें कि सुरेश गोपी केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय भी संभाल रहे हैं।
केरल में हो रहा विरोध
गोपी की टिप्पणी की पूरे केरल में व्यापक आलोचना हुई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव बिनय विश्वम ने गोपी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘चार वर्णीय व्यवस्था’ का प्रचारक बताया और उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की।