राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार ने रविवार को देश के सांसदों और विधायकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपनी अंतरआत्मा की आवाज सुनकर वोट करें।
मीरा कुमार ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मैं अपने देश के दो अत्यंत विलक्षण संघर्षों से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से जुड़ी रही हूं। पहला जाति व्यवस्था से त्रस्त, सामाजिक मुक्ति के संघर्ष से, जो आज भी जारी है। दूसरा भारत को आजादी दिलाने के संघर्ष से, जिसमें हम सफल तो हुए लेकिन राष्ट्रनिर्माण की कई चुनौतियां अभी शेष हैं। मीरा कुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी उदाहरण दिया जब उन्होंने 1974 में हो रहे राष्ट्रपति चुनाव के दौरान वीवी गिरी के पक्ष में मतदान की अपील की थी।
उन्होंने निर्वाचक मंडल को एक पत्र जारी करते हुए कहा है कि राष्ट्रपति के पद का इस्तेमाल संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए नहीं किया जा सकता है। संविधान ने भी राष्ट्रपति के पद की, कानून बनाने की अंतिम कसौटी के रूप में व्याख्या की है। निर्वाचक मंडल के सम्मानित सदस्य के रूप में आपके पास इतिहास रचने का यह अद्वितीय अवसर है। यही पवित्र अवसर है जब अंतरआत्मा की आवाज सुनी जानी चाहिए।