अवैध प्रवेश के मामले में डोमिनिका की जेल में बंद भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी ने अब एक नई चाल चली है। उसने डोमिनिका के मंत्री और पुलिस प्रमुख के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कराया है।
चोकसी ने आरोप लगाया कि डोमिनिका में अवैध प्रवेश के लिए उसकी गिरफ्तारी भारत सरकार के प्रतिनिधियों के कहने पर हुई। उसने अपने खिलाफ कार्यवाही रद्द कराने की मांग पर रोसीयू के हाईकोर्ट में एक मामला दर्ज कराया है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कैरेबियाई आव्रजन मंत्री, पुलिस प्रमुख और जांच अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
चोकसी भारत से फरार होने के बाद 2018 से एंटीगुआ और बरमुडा में रह रहा था और वहां से भी वह लापता हो गया था। 23 मई को डोमिनिका में उसे अवैध प्रवेश के मामले में गिरफ्तार किया गया था। डोमिनिका के आव्रजन मंत्रालय ने उसे प्रतिबंधित घोषित कर दिया। 62 वर्षीय हीरा कारोबारी पंजाब नेशनल बैंक के 13,500 करोड़ की धोखाधड़ी में वांछित है।
चोकसी ने आरोप लगाया है कि रोसीयू में कार्यवाहक पुलिस प्रमुख लिंकन कॉर्बेट और जांच अधिकारी सर्जेंट एलीने का अवैध प्रवेश के लिए उन पर आरोप लगाना उनके निष्पक्ष निर्णय का नतीजा नहीं है। चोकसी ने आरोप लगाया कि यह तीसरे पक्ष भारत सरकार के नुमाइंदों के कहने पर ऐसा किया।
डोमिनिका के ‘नेचर आइले न्यूज’ के अनुसार, अपने खिलाफ कार्यवाही को रद्द करने की मांग करते हुए चोकसी ने हाईकोर्ट में कहा कि उस पर अवैध प्रवेश के आरोप लगाने का फैसला कानून का उल्लंघन है और परिणामस्वरूप अवैध है।
चोकसी ने कहा कि वह एंटीगुआ और बारबुडा का नागरिक है, जहां उसने अपने प्रत्यर्पण के कदम को चुनौती दी है उसने दावा किया कि भारतीय लोगों ने उसे एंटीगुआ और बारबुडा से अगवा किया तथा जबरन डोमिनिका लेकर आए। चोकसी ने दावा किया कि उसने डोमिनिका पुलिस को अपनी परेशानी बतायी थी, लेकिन उन्होंने आरोपों की कोई जांच नहीं की।