पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने कहा है कि उसने कारोबार बढ़ाने के लिए पिछले साल एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी। चोकसी ने अपने वकील डेविड डॉरसेट के जरिये एंटीगुआ की मीडिया को बताया कि भारत में उस पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
चोकसी ने बताया कि उसने निवेश कार्यक्रम के तहत कानूनी तौर पर एंटीगुआ और बरबुदा की नागरिकता के लिए आवेदन किया था। इसके बाद उसे नवंबर, 2017 में नागरिकता मिली। 15 जनवरी, 2018 को उसे देशभक्ति की शपथ भी दिलाई जा चुकी है।
भगोड़ा हीरा कारोबारी एंटीगुआ के पासपोर्ट पर 130 कैरेबियाई देशों में वीजा मुक्त आवागमन कर सकता है। चोकसी के मुताबिक जनवरी, 2018 में वह अमेरिका में इलाज करा रहा था। इस समय भी वह स्वास्थ्य लाभ ले रहा है। इसलिए एंटीगुआ और बरबुदा में रहना चाहता है।
चोकसी के एंटीगुआ का पासपोर्ट हासिल करने और कैरेबियाई देश में मौजूद होने की जानकारी मिलने के बाद सीबीआई ने वहां की सरकार को उसके ठिकानों की जानकारी मुहैया कराने के लिए पत्र लिखा था। इसके बाद एंटीगुआ सरकार ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को वापस भारत भेजने पर विचार करने के संकेत दिए थे। 13,000 करोड़ के पीएनबी धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी नीरव मोदी और उसका मामा मेहुल चोकसी खुलासा होने से पहले ही भारत छोड़कर फरार हो गए थे।