भारत के भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी को सोमवार सुबह बेल्जियम से गिरफ्तार किया गया है। चोकसी बीते करीब सात साल से भारतीय एजेंसियों की पकड़ से दूर है। चोकसी की गिरफ्तारी के बाद यह चर्चा है कि क्या 26/11 हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा के बाद चोकसी का प्रत्यर्पण भी कर सकता है?
मेहुल चौकसी कौन है? चोकसी किस मामले में आरोपी है? उससे जुड़ा पूरा मामला क्या है? इसमें कब-कब क्या हुआ? चोकसी बीते सात साल में कहां-कहां रहा? बेल्जियम में उसकी गिरफ्तारी क्यों हुई? और उसे भारत वापस कैसे लाया जा सकता है? आइये जानते हैं...
मेहुल चोकसी को बेल्जियम से भारत कैसे लाया जा सकता है?
भारत और बेल्जियम के बीच प्रत्यर्पण संधि है। इस संधि के तहत हत्या, धोखाधड़ी, जालसाजी जैसे कई अपराधों के अभियुक्तों को एक देश से दूसरे देश भेजने का अहम माध्यम है। 2020 में केंद्रीय कैबिनेट ने संधि में कुछ बदलाव भी किए थे।
किन शर्तों पर हो सकता है प्रत्यर्पण?
संधि के मुताबिक, "किसी भी स्थिति में नागरिकों या निवासियों को तब तक नहीं सौपा जा सकता, जब तक किया गया अपराध दोनों देशों के कानून के हिसाब से प्रत्यर्पण लायक जुर्म नहीं है।" सीधे शब्दों में समझें तो किसी व्यक्ति को तभी प्रत्यर्पित किया जा सकता है, जब उसके द्वारा किया गया काम भारत और बेल्जियम दोनों देशों में अपराध की श्रेणी में आता हो।
क्या दूसरे देश के नागरिकों का भी हो सकता है प्रत्यर्पण?
मेहुल चोकसी ने 15 जनवरी 2018 को एंटीगुआ की नागरिकता की शपथ ले ली थी। उसके भारतीय नागरिकता त्यागने को लेकर ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है। वहीं, मौजूदा समय में वह बेल्जियम का निवासी है। ऐसे में यह पूरी तरह बेल्जियम का अधिकार होगा कि वह चोकसी को भारत प्रत्यर्पित करता है या नहीं।