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राजनाथ के मिशन कश्मीर में नहीं मिले सुखद संकेत, मोदी से मिलेंगी महबूबा

Fri, 26 Aug 2016 08:17 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : ANI
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह की दो दिन के मिशन कश्मीर के दौरान घाटी में हालात सामन्य होने के संकेत नहीं मिले हैं। इससे उलट कई नई  जटिलताएं सामने आ गई हैं। केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ्ती के रुख से नाखुश दिख रही है। जबकि महबूबा हालात से उबरने केलिए केंद्र की ओर देख रही हैं। श्रीनगर में राजनाथ सिंह से हुई मुलाकात के बाद उभरी इन अनिश्चितताओं के बीच महबूबा शनिवार को प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मिलेंगीं। उधर केंद्र ने संकेत दिया है कि हिंसक प्रदर्शनकारियों से निबटने के लिए सुरक्षा तंत्र की सख्ती बरकरार रखेगी।
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इन समीकरण के बीच राज्यपाल एन एन बोहरा को बदलने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। गृहमंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक कश्मीर के मामले में लंबा और ठोस तजुर्बा रखने वाले बोहरा मौजूद बिगड़े हालात में वैसी दिलचस्पी नहीं ले पा रहे जैसा उनसे उम्मीद की जा रही थी। वह 2008 से जम्मू-कश्मरी के राज्यपाल के पद पर हैं। सूत्रों के मुताबिक हालांकि वह अपने पद से अवकाश लेने की गुजारिश कई बार कर चुकेहैं। लेकिन प्रधानमंत्री के खास अनुरोध पर वह अपने पद पर बने हुए हैं। पिछले दिनों मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली केबीच राज्यपाल के  कई नामों पर विचार भी किया गया है। 
 
सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार की पुलिस समेत कई संस्थाएं कमजोर पड़ गर्इ हैं। जमीनी राजनीति पर कट्टरपंथ तेजी से हावी हो रहा है। सूत्रों केमुताबिक हालांकि सुकुन की बात यह है कि राज्य  एक बड़ा तबका प्रगति की मुख्य धारा में शामिल होने को तैयार है। लेकिन रोजमर्रा के हालात पर राज्य सरकार कमजोर पड़ता प्रभाव और केंद्रीय बल की कानून व्यवस्था में बढती संलिप्तता बड़ा रोड़ा साबित हो रहे हैं। 
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