फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mehangai Par Halla Bol Rally: कांग्रेस ने महंगाई के खिलाफ रैली टाली, कोरोना की वजह से लिया फैसला

Thu, 18 Aug 2022 09:38 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उन्होंने कहा कि इस रैली के जरिए केंद्र सरकार के असंवेदनशील रवैये को जनता के सामने उजागर किया जाएगा। रैली के जरिए नरेंद्र मोदी सरकार को जोरदार संदेश दिया जाएगा। यह रैली दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होनी है, जिसे राहुल गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे।
विज्ञापन
जयराम रमेश - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महंगाई के खिलाफ कांग्रेस ने पूरे देश में सरकार को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके मद्देनजर पार्टी महंगाई पर हल्ला बोल रैली का आयोजन करने वाली है। यह रैली रामलीला मैदान में आयोजित होनी है। पहले इसकी तारीख 28 अगस्त तय थी। अब इसमें थोड़ा परिवर्तन किया गया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस बारे में जानकारी दी है।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि महंगाई के खिलाफ 'महंगाई पर हल्ला बोल रैली' की तारीख बदल दी गई है। अब इसे चार सितंबर को आयोजित किया जाएगा। इस बदलाव राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना की स्थिति को देखते हुए किया गया है। 

उन्होंने कहा कि इस रैली के जरिए केंद्र सरकार के असंवेदनशील रवैये को जनता के सामने उजागर किया जाएगा। रैली के जरिए नरेंद्र मोदी सरकार को जोरदार संदेश दिया जाएगा। यह रैली दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होनी है, जिसे राहुल गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे।
विज्ञापन


वहीं, अग्निपथ योजना को लेकर भी जयराम रमेश ने एक अखबार की खबर के जरिए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। खबर में दावा किया गया था कि अग्निवीर की तर्ज पर बैंकों में भी कर्मचारी रखे जाएंगे। इस पर कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया कि सेना के बाद मोदी सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में ठेके पर रोजगार देने की तैयारी शुरू कर दी है। यह पिछले दरवाजे से निजीकरण का नया तरीका है। अग्निवीर बहाना है, पूरे सार्वजनिक क्षेत्र में ठेके की व्यवस्था लाना है।

प्रियंका गांधी ने साधा केंद्र पर निशाना
मामले में प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट किया। उन्होंने दावा किया कि चार साल की नौकरी, फिर बेरोजगारी वाली अंधेरी रात। भाजपा चार साल की नौकरी का मॉडल सभी नौकरियों में लागू करेगी। युवाओं को एकजुट होकर इस मॉडल के खिलाफ आवाज उठानी होगी, वरना स्थाई नौकरियां नहीं बचेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें