Mawmluh cave at Sohra in Meghalaya
- फोटो : Agency (File Photo)
मेघालय के सोहरा में मौमलुह गुफा को यूनेस्को के इंटरनेशनल यूनियन ऑफ जियोलॉजिकल साइंसेज (आईयूजीएस) द्वारा दुनिया में 'पहले 100 आईयूजीएस भूवैज्ञानिक स्थलों' में से एक के रूप में चुना गया है। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने शनिवार को यह जानकारी दी। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने ट्वीट में लिखा, मेघालय के सोहरा में मौमलुह गुफा को यूनेस्को के इंटरनशनेल यूनियन ऑफ जियोलॉजिक साइंसेस (आईयूजीएस) द्वारा दुनिया के पहले 100 आईयूजीएस भूवैज्ञानिक स्थलों में से एक के रूप में चुना है।
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा, जुमैया, बास्क कोस्ट यूनेस्को ग्लोबल जियोपार्क (स्पेन) में आईयूजीएस की 60वीं वर्षगांठ का कार्यक्रम 56 देशों के 181 उम्मीदवार स्थलों में से चुने गए पहले 100 आईयूजीएस भूवैज्ञानिक विरासत स्थलों की घोषणा करेगा। मेघालय के सोहरा में मौमलुह गुफा भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे लंबी गुफाओं में से एक है क्योंकि यह लगभग 4500 मीटर तक फैली हुई है। स्थानीय रूप से क्रेम मौमलुह के नाम से जानी जाने वाली यह गुफा मेघालय में चेरापूंजी के पश्चिम में लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थान प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में से एक है।