गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को शिलांग में उत्तर पूर्व के आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं। इसमें शाह और पूर्वोत्तर के मुख्यमंत्रियों के बीच अंतर राज्यीय सीमा विवादों और कोविड-19 मामलों में वृद्धि के विषय पर विचार हो रहा है।
शाम छह बजे शुरू हुई बैठक, तीन घंटे से जारी
एक अधिकारी ने बताया कि शिलांग की पाइनवुड होटल एनेक्सी में शाम छह बजे से असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और सिक्किम के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस प्रमुख बंद कमरे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक कर रहे हैं। यह बैठक रात नौ बजे तक जारी थी। शाह को क्षेत्र के राज्यों में लंबे समय से जारी सीमा विवाद की संक्षिप्त जानकारी के साथ ही कोरोना महामारी के बारे में भी जानकारी दी गई। पूर्वोत्तर के कई राज्यों के बीच अंतर राज्यीय सीमा विवाद हैं। असम और मिजोरम के बीच सीमा विवाद के चलते हाल में हिंसा हो चुकी है। पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि भी सामने आ रही है।
नागरिकों से मुलाकात करेंगे गृहमंत्री
गृह मंत्री शाह शिलांग में लोगों से मुलाकात भी करेंगे। इससे पूर्व शिलांग हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शाह का स्वागत किया।
एनईएसएसी की बैठक में शामिल हुए शाह
शिलांग पहुंचने के बाद शाह ने सबसे पहले 'नार्थ ईस्ट स्पेस एप्लिकेशन सेंटर' (एनईएसएसी) की एक बैठक में भाग लिया। इस कार्यक्रम के बाद शाह ने माविओंग में अंतर राज्यीय बस अड्डे और न्यू शिलांग टाउनशिप में क्रायोजेनिक प्लांट का उद्घाटन किया। शिलांग में एनईएसएसी के बहुद्देश्यीय कांफ्रेंस सेंटर व एक्जिबिशन सेंटर का शिलान्यास किया गया।
गृहमंत्री शाह ने इस दौरान कहा कि यह ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब भारत अपनी आजादी के 75वें वर्ष का जश्न मनाएगा और मेघालय अपनी स्थापना का 50वां वर्ष मनाएगा। उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक यहां विकास हुआ है। 6.5 लाख लोगों के पास बैंक खाते नहीं थे और अब हर कोई बैंक खाता धारक है। हर घर में सैनिटरी आउटहाउस हैं। सीएम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रदान किए गए अनुदान का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे।
रविवार को चेरापूंजी जाएंगे
शाह का रविवार को सोहरा (पूर्ववर्ती चेरापूंजी) जाने का भी कार्यक्रम है जहां वह वृक्षारोपण परियोजना और जलापूर्ति परियोजना का उद्घाटन करेंगे। वह सोहरा में रामकृष्ण मिशन भी जा सकते हैं।