मेघालय में नई सरकार के गठन से पहले छाए संकट के बादल रविवार देर शाम छट गए। मेघालय में एनडीए की सरकार का रास्ता लगभग स्पष्ट हो गया है। नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के अध्यक्ष कॉरनाड संगमा को मेघालय के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के ठीक 36 घंटे पहले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के क्षेत्रीय दलों ने एनपीपी को समर्थन दे दिया।
संगमा ने यूडीपी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट
(पीडीएफ
) के सदस्यों के साथ तस्वीरें पोस्ट कर इस खबर की पुष्टि की। एनपीपी- भाजपा गठबंधन समर्थक विधायकों की संख्या अब 45 हो गई है। मेघालय में सरकार बनाने के लिए किसी दल या गठबंधन को न्यूनतम 31 विधायकों की जरूरत है। संगमा ने ट्विटर पर कहा कि
सरकार बनाने के लिए एनपीपी में शामिल होने को आगे आने के लिए यूडीपी और पीडीएफ को धन्यवाद। मेघालय और इसके लोगों की सेवा करने के लिए क्षेत्रीय राजनीतिक दलों का मजबूत समर्थन हमें और मजबूत करेगा।
राज्य सरकार के गठन पर मेघालय के मनोनीत मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने बताया कि गठबंधन को मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस-2.0 के रूप में जाना जाएगा। इस फैसले से सभी सहमत हैं। हमने मुख्यमंत्री को MDA-2 के अध्यक्ष के रूप में भी चुनने का फैसला किया है। कैबिनेट में 12 सदस्यों में से आठ नेशनल पीपुल्स पार्टी, दो यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी, एक हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और एक भाजपा के पास जाएगा।
एमडीए सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। 27 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में 59 में से 26 सीट पर अपनी पार्टी को बड़ी जीत दिलाने के बाद नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) प्रमुख संगमा दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इससे पहले दिन में अस्थायी अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) टिमोथी डी. शिरा ने सभी 59 विधायकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
मेघालय में किसी को पूर्ण बहुमत नहीं
निवर्तमान मेघालय डेमोक्रेटिक गठबंधन (एमडीए) सरकार में यूडीपी और पीडीएफ सहयोगी रही हैं। दो-दो विधायक वाली भाजपा और एचएसपीडीपी के अलावा दो निर्दलीय विधायकों ने पहले ही अपना समर्थन पत्र एनपीपी को सौंप दिया था। मेघालय में गुरुवार (2 मार्च) को विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। राज्य में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। हालांकि, एनपीपी ने विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड 26 सीटें हासिल कर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। यूडीपी प्रमुख और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह ने एनपीपी प्रमुख कॉरनाड संगमा को सौंपे गए पत्र में कहा कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के संसदीय दल की ओर से मैं सरकार गठन के लिए समर्थन देता हूं।