बता दें कि राज्य में पिछले 10 सालों से कांग्रेस का शासन था। चुनाव नतीजों में वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन भाजपा ने महज तीन घंटे में उसके सत्ता में दोबारा आने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। 21 सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने मेघालय में सरकार बनाने का दावा किया था और इसके लिए उन्होंने राज्य के गवर्नर गंगा प्रसाद से भी मुलाकात की थी। मगर बाद में भाजपा ने दूसरे दलों के साथ मिलकर 34 नवनिर्वाचित उम्मीदवारों की परेड गवर्नर के सामने करवा दी और सरकार बनाने का दावा पेश किया। जिसके बाद भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों को राज्य में सरकार बनाने के लिए न्यौता दिया।
मेघालय के हाथ से निकलने के बाद राहुल गांधी ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। गांधी ने कहा- महज 2 सीट के साथ भाजपा ने छल से मेघालय में सत्ता हड़प ली। यह ठीक उसी तरह है जैसे मणिपुर और गोवा में किया गया था। जहां भाजपा ने जनादेश की अनदेखी कर पावर और पैसों के दम पर अवसरवादी गठबंधन बना लिया था। बता दें कि बीते साल गोवा और मणिपुर चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन इसके बावजूद सरकार बनाने से चूक गई थी। तब कांग्रेस के बहुमत जुटाने से पहले ही भाजपा ने बाजी मार ली थी।
जहां आज मेघालय में कोनराड ने सीएम पद की शपथ ले ली है वहीं राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि नई सरकार के गठन की उनकी कोशिश जारी है। उनकी पार्टी नगालैंड पीपुल्स पार्टी का कहना है कि उन्होंने गवर्नर को चुनाव पूर्व गठबंधन का पत्र सौंपा था। उसके साथ नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) और जेडीयू ने चुनाव से पहले ही गठबंधन किया था। हालांकि जेडीयू ने चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी का समर्थन करने का फैसला लिया। एनपीएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार के गठन के लिए जरूरी संख्या जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए फिलहाल जेलियांग के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता है।