Meghalaya: मेघालय कैबिनेट ने राज्य के आबकारी नियमों में संशोधन को मंजूरी दी, जिससे 90 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व की उम्मीद है। कैबिनेट ने मेघालय उर्जा निगम की स्वतंत्र जांच रिपोर्ट को स्वीकार कर सिफारिशों को लागू करने के लिए बिजली विभाग को निर्देश दिए।
मेघालय कैबिनेट ने गुरुवार को राज्य के आबकारी नियमों में संशोधन को मंजूरी दी। अधिकारियों के मुताबिक, इससे राज्य को 90 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है। कैबिनेट ने मेघालय उर्जा निगम लिमिटेड (एमईईसीएल) पर गठित स्वतंत्र जांच समिति की रिपोर्ट को भी स्वीकार किया और केंद्र सरकार की प्रमुख विद्युत योजनाओं के वित्तीय समापन (फाइनेंशियल क्लोजर) को मंजूरी दी।
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मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने बताया कि यह संशोधन राज्य को पड़ोसी राज्यों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के मकसद से किया गया है। उन्होंने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, हम चाहते हैं कि हमारे दर और मूल्य बाजार की वास्तविकताओं के अनुरूप हों। इससे उपभोक्ताओं के लिए राज्य अधिक आकर्षक बनेगा और हमारी आमदनी भी बढ़ेगी।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट ने एमईईसीएल से जुड़ी स्वतंत्र जांच समिति की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है, जिसमें खरीदारी, तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान और मानव संसाधन प्रबंधन से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई है। उन्होंने बताया, हमने रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों को लागू करने के लिए उर्जा विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पूरी पारदर्शिता के लिए यह रिपोर्ट सरकारी वेबसाइट पर भी अपलोड की जाएगी।
कैबिनेट ने सौभाग्य, दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) और अन्य ढांचागत योजनाओं के वित्तीय समापन को भी स्वीकृति दी। ऊर्जा मंत्री ए टी मोंडल ने कहा, मेघालय उर्जा वितरण निगम लिमिटेड ने अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने से पहले कई स्तरों पर सत्यापन किया। इसके साथ ही अब ये योजनाएं औपचारिक रूप से वित्तीय स्तर पर बंद मानी जाएंगी। इसके अलावा, कैबिनेट ने मेघालय इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया नियम, 2025 में बदलाव को मंजूरी दी ताकि उन्हें केंद्रीय प्रावधानों के अनुरूप लाया जा सके।