मेघालय की 370 फीट गहरी कोयला खदान में फंसे खनिकों को बचाने के लिए अब सेना भी इस अभियान में जुड़ गई है। रक्षा प्रवक्ता रत्नाकर सिंह ने बताया, ‘भारतीय नौसेना ने प्रशासनिक सहायता के जरिए थल सेना को बचाव अभियान में मदद करने का अनुरोध किया था और उसने वहां पर अब कैंप बनाए हैं।’
उन्होंने कहा कि नौसेना के समर्थन के लिए थल सेना के लिए 20-25 सदस्यों वाली टीम को तैनात किया गया है। साथ ही जरूरत पड़ने पर नौसेना को प्रशासनिक सहायता प्रदान की जाएगी।’ एनडीआरएफ, भारतीय नौसेना, ओडिशा दमकल सेवा और राज्य एजेंसियों के करीब 200 बचावकर्मी खोज और बचाव अभियान में जुटे हुए हैं।