गांधीनगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान
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20 टीमों की निगरानी में चलाया गया अभियान
मामले में जिले के पुलिस अधीक्षक रवि तेजा वासमसेट्टी ने जानकारी दी कि यह पूरा अभियान 20 टीमों की निगरानी में चल रहा है। उन्होंने बताया, 'करीब 1 लाख वर्ग मीटर सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का लक्ष्य है। यह जमीन साबरमती नदी के किनारे स्थित है। अब तक 150 अवैध मकान और दुकानों को तोड़ा जा चुका है। हमें उम्मीद है कि अगले दो से तीन दिनों में यह पूरा अभियान खत्म हो जाएगा।' पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि जिस जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा रहा है, उसकी बाजार कीमत करीब 1,000 करोड़ रुपये है।
अभियान की खास बातें
- कुल 700 अवैध निर्माण चिह्नित, अब तक 150 ढांचे ध्वस्त।
- अभियान सुबह 4 बजे शुरू हुआ।
- 20 टीमें जीएमसी और आर\एंडबी विभाग की निगरानी में काम कर रहीं।
- 700 पुलिसकर्मियों की तैनाती सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए।
- लगभग 1 लाख वर्ग मीटर जमीन को कब्जामुक्त करने का लक्ष्य।
गांधीनगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान
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प्रशासन के फैसले पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
प्रशासन के मुताबिक, यह कार्रवाई लंबे समय से हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए की जा रही है। जैसे-जैसे तोड़फोड़ आगे बढ़ेगी, पूरे इलाके को खाली कर वहां नियोजित विकास कार्य किए जाएंगे।स्थानीय लोगों में इस कार्रवाई को लेकर हलचल बनी हुई है। कुछ लोग प्रशासन के फैसले का समर्थन कर रहे हैं, जबकि प्रभावित परिवारों में नाराजगी भी देखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई के पहले लोगों को नोटिस और पर्याप्त समय दिया गया था, ताकि वे अपने ढांचों को स्वयं हटा सकें।