त्रिपुरा में टिपरा मोथा के सरकार को समर्थन देने की अटकलों के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को टिपरा मोथा सुप्रीमो प्रद्योत किशोर देबबर्मा से मुलाकात की है। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात अगरतला में राजकीय गेस्ट हाउस में हुई। जानकारी के मुताबिक, पार्टी सुप्रीमो प्रद्योत के नेतृत्व में टिपरा मोथा का छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था।
भाजपा अध्यक्ष समेत ये नेता भी बैठक में शामिल
जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में अमित शाह और टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत देब बर्मा के अलावा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, त्रिपुरा भाजपा प्रभारी संबित पात्रा, महेश शर्मा और महेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
IPFT-बीजेपी की महिला नेताओं को बनाया जाएगा दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए त्रिपुरा भाजपा प्रभारी संबित पात्रा ने कहा हमने चर्चा की कि त्रिपुरा के विकास के लिए इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) और भाजपा एक साथ कैसे काम कर सकते हैं। बैठक में हमने जनजाति समुदाय के मुद्दों पर चर्चा की। आगे पात्रा ने बताया कि इन समस्याओं को कैसे हल किया जाए और स्वदेशी समुदाय को राज्य में ही सम्मान कैसे मिल सकता है, इसकी भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि महिला दिवस पर, हमने तय किया है कि IPFT और बीजेपी की दो-दो महिला नेताओं को दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बनाया जाएगा।
सभी पार्टियों के साथ होगी सिलसिलेवार बातचीत
पात्रा के मुताबिक, भाजपा, आईपीएफटी, राजनीतिक, सामाजिक पार्टियों, मोथा से सिलसिलेवार बातचीत करेगी। उन्होंने कहा कि न तो टिपरा मोथा की ओर से कोई मांग की गई और न ही भाजपा की ओर से। हम मिलकर एक समाधान के लिए आगे आएंगे और त्रिपुरा को विकास की ओर ले जाएंगे।
हम यहां स्वदेशी समुदाय के लिए संवैधानिक समाधान के लिए हैं: प्रद्योत
वहीं बैठक के बाद टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत ने कहा, 'सीएम के साथ हमारी सिलसिलेवार बातचीत होगी, हम यहां स्वदेशी समुदाय के लिए संवैधानिक समाधान और त्रिपुरा की बेहतरी के लिए हैं।
लंबे समय से एक अलग राज्य की मांग कर रहे थे
त्रिपुरा के राज परिवार से आने वाले देबबर्मा लंबे समय से अपनी एक अलग राज्य की मांग के लिए 'संवैधानिक समाधान' की मांग कर रहे थे। जबकि भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह त्रिपुरा के विभाजन को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरी टिपरा की दमदार एंट्री
भाजपा ने पूर्ण बहुमत हासिल कर राज्य की सत्ता में वापसी की है। भारत के चुनाव आयोग के अनुसार, त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने लगभग 39 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 32 सीटें जीतीं। पहली बार त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में उतरी टिपरा मोथा ने दमदार एंट्री की है। टिपरा मोथा पार्टी 13 सीटें जीतकर दूसरे नंबर पर रही। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) को 11 सीटें मिलीं जबकि कांग्रेस को तीन सीटें मिलीं। इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने एक सीट जीतकर अपना खाता खोलने में कामयाबी हासिल की।