फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Opposition Unity: 13-14 जुलाई को विपक्षी दलों की बैठक; बेंगलुरू में लगेगा राजनीतिक दलों का जमावड़ा

Thu, 29 Jun 2023 07:19 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यह बैठक पटना में हुई पिछली बैठक में आए दलों के नेताओं की सहमति से हो रही है। इसमें एनसीपी, राजद, जद(यू), झामुमो, शिवसेना(यूटीबी), डीएमके, वामदल, समाजवादी पार्टी, एनसी, पीडीपी, तृणमूल समेत अन्य की सहमति है। माना जा रहा है कि इस बैठक में विपक्षी एकता के भविष्य का फॉर्मूला एक आकार ले लेगा।
विज्ञापन
विपक्षी एकता की कवायद। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विपक्षी एकता की कवायद के बीच विपक्षी दलों की अहम बैठक 13 और 14 जुलाई को होगी। शरद पवार ने इसके बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि विपक्ष की अगली बैठक बेंगलुरू में होगी। इस दौरान एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने बताया कि बैठक में लोकसभा सीटों के बंटवारे पर मंथन किया जाएगा। इससे पहले, कहा जा रहा था कि बैठक 10 या 12 जुलाई को होगी। इतना ही नहीं, बैठक के लिए हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला को चुना गया था। वही, बीच में बैठक के शिमला की जगह जयपुर में आयोजित किए जाने की खबर भी सामने आई थी। 

विज्ञापन


समान नागरिक संहिता पर कही यह बात
पवार ने कहा, जब पटना में विपक्षी दलों की बैठक हुई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका में थे। इसके बाद स्वदेश लौटने पर उन्होंने विपक्ष पर हमला बोला, लेकिन देश का नजरिया मौजूदा भाजपा सरकार के विपरीत है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ज्वलंत मुद्दों से केवल ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी लागू की कोशिश शुरू की है। पवार ने कहा, समान नागरिक संहिता लागू करने से पहले लोकसभा और राज्य की विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना चाहिए। इसके साथ ही सिख, जैन और पारसी समाज की राय ली जाए। हमने सुना है कि सिख समाज की मानसिकता इसे समर्थन देने की नहीं है। इसके बाद ही एनसीपी इस पर समर्थन के बारे में विचार करेगी। विधि आयोग के निर्देशानुसार सभी से राय-मशविरा लेने के बाद इस पर कोई निर्णय लिया जाना चाहिए।

इस बीच, हिमाचल कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने दावा किया था कि यह महाबैठक ही 2024 के लोकसभा चुनाव में जीत की नींव रखेगी। 1998 से 2003 तक देश में एनडीए की सरकार थी, तब एनडीए को सत्ता से बाहर करने के लिए शिमला में कांग्रेस का चिंतन शिविर हुआ था। इसका फायदा कांग्रेस को मिला था।
विज्ञापन


कांग्रेस के साथ जदयू-राजद, एनसीपी समेत प्रमुख विपक्षी दल
यह बैठक पटना में हुई पिछली बैठक में आए दलों के नेताओं की सहमति से हो रही है। इसमें एनसीपी, राजद, जद(यू), झामुमो, शिवसेना(यूटीबी), डीएमके, वामदल, समाजवादी पार्टी, एनसी, पीडीपी, तृणमूल समेत अन्य की सहमति है। माना जा रहा है कि इस बैठक में विपक्षी एकता के भविष्य का फॉर्मूला एक आकार ले लेगा।

केंद्र सरकार को चुनौती देने पर अंतिम सहमति बनी
इससे पहले 23 जून को बैठक में विपक्षी दलों ने एक होकर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को चुनौती देने पर अंतिम सहमति बना ली गई थी। अब 14 जुलाई को बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा के बाद गठबंधन के नाम और इसके राष्ट्रीय कन्वेनर के नाम पर सहमति बन सकती है। हालांकि, इससे पहले ही यह चर्चा तेज हो गई है। पटना बैठक में ही गठबंधन के एक महत्त्वपूर्ण सहयोगी ने गठबधन के नाम और उसके सहयोगी को लेकर एक संकेत दे दिया था। यदि किसी विपक्षी दल को इस पर आपत्ति न हुई तो शिमला बैठक के बाद इसकी औपचारिक तौर पर घोषणा की जा सकती है। 

विपक्षी दलों के गठबंधन का नया नाम लगभग तय
पटना बैठक में शामिल विपक्षी दलों के एक महत्त्वपूर्ण सहयोगी ने संकेत दिया था कि सत्तारूढ़ एनडीए (नेशनल डेमोक्रैटिक एलायंस) के सामने विपक्ष अपने गठबंधन को पीडीए का नाम दे सकता है। इस पीडीए का विस्तार पेट्रियॉटिक डेमोक्रेटिक एलायंस हो सकता है। इसमें पेट्रियॉटिक शब्द जोड़कर विपक्ष यह बताने की कोशिश कर सकता है कि वे भाजपा से कहीं ज्यादा राष्ट्रवादी हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें