अखिल भारतीय संत समिति की ओर से आयोजित धर्मादेश सम्मेलन में साधु-संतों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि आम चुनाव से पहले वह राम मंदिर का निर्माण शुरू करे। संत बोले कि अब और इंतजार नहीं हो सकता।
दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में राम मंदिर के निर्माण को लेकर करीब तीन हजार साधु-संत धर्मादेश सम्मेलन में शामिल हुए। रविवार को इस सम्मेलन का दूसरा दिन था। यहां मंदिर निर्माण को लेकर अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा होती रही।
अखिल भारतीय संत समाज समिति के अध्यक्ष जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज ने कहा कि यह पहली बार है जब हिंदू संतों के द्वारा धर्मादेश शुरू किया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से कहा कि क्या यही अच्छे दिन हैं जिनका वादा किया गया था।
उन्होंने कहा कि इससे पहले केवल फतवे जारी हुआ करते थे। ईसाई धर्मगुरु आदेश जारी करते थे। उन्होंने कहा कि रामजन्मभूमि पर कानून बनाओ या अध्यादेश लाओ, इससे कम किसी बात पर समझौता नहीं किया जाएगा।
रामानंद महाराज ने कहा कि हमें पूरे हिंदू समाज को एक करना है। चाहे बौद्ध हो, कबीर अनुयायी हो या जैन हमें सबको एक साथ लाना है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की सीमा पर घुसपैठ रोकी जाए। एनआरसी की तर्ज पर पूरे देश में अवैध नागरिकों की पहचान कर वापस बांग्लादेश भेजें। उन्होंने कहा जाली प्राणपत्र देने वाले अधिकारियों को दंडित करने का प्रावधान बने। वहीं बाहर से आने वाले हिंदुओं को नागरिक बनाएं। साथ ही कहा कि सरकार को जनसंख्या नियंत्रण कानून भी बनाना चाहिए।