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भारत ने रद्द की सुषमा स्वराज व पाक विदेश मंत्री के बीच वार्ता, गोली और बोली एक साथ बर्दाश्त नहीं

Fri, 21 Sep 2018 05:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत ने अचानक विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के उनके समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के बीच संयुक्त राष्ट्रमहासभा से इतर होने वाली बैठक को रद्द करने का फैसला किया है। इस बैठक में करतार सिंह साहिब कॉरिडोर समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस नए डेवलपमेंट पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन समझा जा रहा है कि सीमा पार की आतंकी घुसपैठ और ताजा हालात के मद्देनजर भारत ने यह कदम उठाया है।

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भारत की यह नाराजगी बीएसएफ के जवान नरेन्द्र की गला रेतकर निर्मम हत्या और पाकिस्तान में कुछ आतंकियों को रिहा किए जाने को मुद्दा बनाया है। भारत ने साफ कहा है कि सीमा पर गोली और बोली दोनों एक साथ नहीं चल सकती हैं। उच्चपदस्थ सूत्र बताते हैं कि यह निर्णय भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही लिया है। भारत का स्पष्ट कहना है कि पाकिस्तान को किसी तरह की शांति वार्ता प्रक्रिया के पहले आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई का कदम उठाना चाहिए। यह भरोसा होने के बाद ही भारत शांति वार्ता, मंत्री स्तरीय वार्ता आदि पर आगे बढ़ सकता है।

ऐसा नहीं है कि भारत ने पहली बार वार्ता प्रक्रिया को रद्द किया है। इससे पहले 25 अगस्त 2014 को इस्लामाबाद में विदेश सचिव स्तरीय वार्ता होनी थी और भारत ने जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से पाकिस्तान के उच्चायुक्त की भेंट पर नाराज जताते हुए वार्ता प्रक्रिया को रद्द कर दिया था। इसके बाद अगले साल विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की हार्ट ऑफ एशिया की बैठक से इतर पाकिस्तान के विदेश मंत्री सरताज अजीज से चर्चा हुई थी। इस चर्चा में वार्ता प्रक्रिया की बहाली का रोडमैप आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। इसे प्रधानमंत्री मोदी की सलाह पर आगे बढ़ाया गया, लेकिन पठानकोट वायुसैनिक हवाई अड्डे पर आतंकी हमले के बाद भारत ने इससे भी हाथ खींच लिए थे।
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बताते हैं कि पाकिस्तान के  प्रधानमंत्री इमरान खान का पत्र आने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही सुषमा स्वराज और शाह महमूद कुरैशी के बीच यूएनजीए से इतर बैठक का निर्णय लिया था। इससे ठीक एक दिन पहले विदेश मंत्रालय के उच्चपदस्थ अधिकारी इमरान के पत्र पर कोई प्रतिक्रिया देने से बच रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की हरी झंडी मिलने के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बाकायदा दोनों विदेश मंत्रियों के बीच मुलाकात होने की घोषणा कर दी थी। अब भारत ने इससे कदम पीछे खींच लिए हैं।

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