जब पूरा देश शिक्षक दिवस मना रहा है, हम उन गुरुओं को याद कर रहे हैं जिन्होंने अनूठे विचारों से देश ही नहीं दुनिया की राजनीति को बदल कर रख दिया। ये वो गुरू हैं जिन्होंने सिर्फ राजनीति में ही नहीं आम लोगों में भी जीवन को भी नई दिशा दी है।
जिन वर्गों ने कभी आंख ऊपर उठा कर देखने की नहीं सोची आज वे इन्हीं राजनीतिक गुरुओं के दिखाए रास्ते और नक्शे कदम पर चलते हुए, अपने अधिकारों को समझने लगे हैं।अब वे अपने हक और हकूक की बात करते हैं और अपनी बेहतरी के लिए हर मुमकिन कदम उटाने को तैयार रहते हैं...ये हैं वो पांच राजनीतिक चेहरे जिन्होंने देश- दुनिया की राजनीति को नया रंग दिया
पढ़ें: गांधी ने कहा था कांग्रेस को खत्म कर दो, राहुल वही कर रहे हैं: अमित शाह
मोहनदास करमचंद गांधी
स्वतंत्रता आंदोलन के पहले सेनानियों में से एक गोपाल कृष्ण गोखले के राजनीतिक शिष्य मोहनदास करमचंद गांधी ने ना सिर्फ देश, बल्कि दुनिया की राजनीति को बदलकर रख दिया। उन्होंने सत्य और अहिंसा का ऐसा हथियार राजनीतिक को दिया, जिसकी मुरीद पूरी दुनिया बन गई।
गैरबराबरी, छुआछूत और अशिक्षा को समाज के लिए गांधी बेहद नुकसानदायक मानते थे। उनका मकसद समाज के सबसे निचले पायदान पर स्थित आम आदमी के आंसूं को पोंछना था, जिसे वे दरिद्र नारायण कहते थे।गांधी को आप राजनीति ही नहीं, समाजनीति, अर्थनीति और संस्कृति नीति के सबसे बड़े गुरु कह सकते हैं, जिनकी वजह से दुनिया के तमाम शांति प्रेमी, समानतावादी उनके शिष्य हैं।
पढ़ें: गांधी को हिंदू धर्म छोड़ने से रोका था श्रीमद राजचंद्र ने
गांधी ने 1909 में हिंद स्वराज लिखकर देश के भावी शासन की रूपरेखा पेश की थी, जिसमें ऊंच-नीच और बड़े-छोटे का कोई भेदभाव नहीं था। स्वच्छता को वे आजादी से भी ज्यादा जरूरी मानते थे। गांधी ने संग्रह का भी विरोध किया। इसलिए आज दुनिया की पूरी राजनीति जब भी संकट में होती है, उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लेती दिखती है।