अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री व पत्रकार एमजे अकबर और उनके वकील की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को महिला पत्रकार को समन जारी करने पर फैसला सुरक्षित रख लिया। महिला के यौन शोषण के आरोपों को झूठा बताते हुए अकबर ने उसके खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था।
पटियाला हाउस अदालत के एसीएमएम समर विशाल ने एमजे अकबर व पांच गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद फैसला 29 जनवरी तक सुरक्षित रख लिया। महिला पत्रकार ने आरोप लगाया था कि अकबर ने 20 साल पहले उसका यौन शोषण किया था।
इसके बाद अकबर ने 17 अक्तूबर, 2018 को विदेश राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। अदालत इस मामले में अकबर, जोयिता बासु का बयान दर्ज कर चुकी है। अकबर ने छह गवाहों के नाम दिए थे, जिनमें से तीन के बयान दर्ज हो चुके हैं।