पश्चिमी बंगाल में कोरोना वायरस महामारी के चलते राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को सुधारने की कवायद में बड़े घोटाले की सुगबुगाहट सामने आई है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य ढांचे में सुधार के लिए सामानों की खरीद में बेहद अनियमितताएं बरती गई हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है।
2 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था स्वास्थ्य सुविधाएं सुधारने को
अधिकारी ने बताया कि वित्त विभाग की तरफ से कोरोना वायरस महामारी के बीच टेंडर प्रक्रिया के मानकों में छूट दिए जाने के बाद राज्य सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे में सुधार के लिए करीब 2000 करोड़ रुपये का आवंटन किया था। अधिकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री बनर्जी के कार्यालय को इस पैसे के उपयोग में अनियमितताओं की सैकड़ों शिकायतें मिली थीं। इसके चलसे सीएम ने गृह सचिव ए. बंदोपाध्याय, वित्त सचिव हरि कृष्ण द्विवेदी और स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरुप निगम की समिति गठित की है। यह समिति अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव राजीव सिन्हा को सौंपेगा। अधिकारी ने कहा, यदि जांच के दौरान अनियमितता की पुष्टि हो जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।