बुधवार की रात बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में बवाल के बाद जूनियर डॉक्टर बृहस्पतिवार सुबह जहां हड़ताल पर चले गए वहीं देर रात लंका थाने में विश्वविद्यालय प्रशासन और मारपीट में घायल छात्र की तहरीर पर 185 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। हड़ताल के कारण ट्रॉमा सेंटर में न तो ओपीडी चली और न ही इमरजेंसी।
चिकित्सकीय सेवाएं पूरी तरह ठप होने से आसपास के जिलों और दूरदराज से आए मरीजों को ट्रॉमा सेंटर के गेट से ही लौटा दिया गया। सर सुंदरलाल अस्पताल में सीनियर डॉक्टरों ने ओपीडी संभाली लेकिन दोपहर करीब साढ़े बारह बजे जूनियर डॉक्टरों ने यहां की भी ओपीडी और जांच केंद्र बंद करा दिए।
ट्रॉमा सेंटर और अस्पताल दोनों ही जगह नया मरीज भर्ती नहीं किया गया। ऑपरेशन के लिए जिनको बृहस्पतिवार की डेट दी गई थी। उन्हें भी लौटा दिया गया। इस बीच बीएचयू के सहायक सुरक्षा अधिकारी हसन अब्बास जैदी की तहरीर पर लंका पुलिस ने छात्र विकास सिंह समेत 25 छात्रों को नामजद करते हुए 150 अन्य अज्ञात छात्रों के खिलाफ तोड़फोड़, आगजनी, हत्या के प्रयास, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
चार वार्ड ब्वॉय के खिलाफ बलवा, मारपीट, धमकी व अन्य आरोप में मुकदमा दर्ज
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दूसरी एफआईआर में बिड़ला हॉस्टल के छात्र बुलंदशहर निवासी शुभम तेवतिया की तहरीर पर पुलिस ने डॉ. मीत मिनारे सहित छह डॉक्टर और चार वार्ड ब्वॉय के खिलाफ बलवा, मारपीट, धमकी सहित अन्य आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
बीएचयू प्रशासन ने देर रात 26 विद्यार्थियों को निलंबित भी कर दिया। पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। प्रबंध अध्ययन संस्थान के प्रो. एसके सिंह को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है।
कमेटी से 15 दिन के अंदर मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। उधर, बुधवार रात मारपीट के बाद कबीरचौरा अस्पताल में भर्ती कराए गए कला संकाय के घायल तीनों छात्रों शुभम तेवतिया, प्रभात उपाध्याय और नरेंद्र को उपचार के बाद देर शाम छुट्टी दे दी गई।
घटनाओं में अगुवाई करने वाले 16 छात्रों को बवाली के तौर पर चिह्नित किया गया
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ट्रॉमा सेंटर में मारपीट, तोड़फोड़ और धन्वंतरि हॉस्टल में आगजनी के मामले में बृहस्पतिवार शाम लंका थाने में तीन तहरीर दी गई थी। बीएचयू प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से दी गई पहली तहरीर में ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सा कर्मियों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ करने के आरोप में बिड़ला हॉस्टल के नौ छात्रों को नामजद कर कार्रवाई की मांग की गई है।
दूसरी तहरीर में धन्वंतरि हॉस्टल में 49 दोपहिया वाहनों को क्षतिग्रस्त करने वाले छात्रों को चिह्नित कर कार्रवाई करने की मांग की गई है। तीसरी तहरीर में हॉस्टल में रहने वाले छात्र शुभम तेवतिया ने ट्रॉमा सेंटर के अज्ञात चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ मारपीट और धमकाने सहित अन्य आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
इससे पहले कुलपति आवास में पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों की तीन घंटे तक चली बैठक में हिंसक घटनाओं में अगुवाई करने वाले 16 छात्रों को बवाली के तौर पर चिह्नित किया गया। इसी दौरान दोपहर में एडीएम सिटी और एसपी सिटी की अगुवाई में पुलिस ने बिड़ला अ, ब और स हॉस्टल में सर्च ऑपरेशन चलाया।
डीएम और एसएसपी ने घंटों मशक्कत की
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प्रवेश द्वार बंद कराकर छात्रों को हॉस्टल के सामने लॉन में खड़ा कराकर उनकी वीडियोग्राफी कराई गई। साथ ही, सभी का परिचय पत्र चेक कर उनके कमरों को खंगाला गया। भारी-भरकम पुलिस बल देखकर कई छात्र हॉस्टल छोड़कर भाग गए। बाद में देर रात कई थानों की पुलिस और पीएसी ने परिसर में रूट मार्च भी निकाला।
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म कराने के लिए डीएम विजय किरन आनंद और एसएसपी आकाश कुलहरि की पहल काम नहीं आई। पुख्ता सुरक्षा के उनके आश्वासन के बावजूद जूनियर डॉक्टर हड़ताल खत्म करने पर राजी नहीं हुए।
डीएम-एसएसपी ने जूनियर डॉक्टरों से कहा कि ट्रॉमा सेंटर में पुलिस चौकी खोली जाएगी। जूनियर डॉक्टरों की समस्याओं की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। बावजूद इसके जूनियर डॉक्टर हड़ताल जारी रखते हुए आरोपी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। देर रात पुलिस चौकी भी खोल दी गई। डीएम ने दावा किया कि हड़ताल खत्म हो गई है।