देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 21 हजार के पार पहुंच गई है। ऐसे में गृह मंत्रालय के स्निफर डॉग विभाग से जुड़े कर्नल डॉ. पीके चुग ने कहा है कि मेडिकल डिटेक्शन डॉग्स को कोरोना संक्रमितों की पहचान करने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
कर्नल चुग ने बताया कि 'मेडिकल डिटेक्शन डॉग' का मतलब कुत्तों द्वारा किसी मेडिकल बीमारी की पहचान करना है। उन्होंने कहा कि लोग जानते हैं कि ऐसे कुत्ते विस्फोटक और ड्रग्स की खोज करने में माहिर होते हैं, लेकिन इन्हें और भी कई अन्य चीजों में इस्तेमाल किया जाता है।
इनमें से मेडिकल डिटेक्शन एक उभरता हुआ विषय है, जिस पर बहुत काम किया गया है। दुनिया के दूसरे देशों में स्निफर डॉग्स की मदद से कई तरह के कैंसर की पहचान करने में सफलता मिली है।
गृह मंत्रालय के पुलिस K9 सेल के सलाहकार निदेशक, कर्नल डॉ. पीके चुग ने कहा कि दुनिया में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए 'मेडिकल डिटेक्शन डॉग' का इस्तेमाल किया जा सकता है।