नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर को जेल में और दिन बिताने पड़ सकते हैं। जमानत याचिका खारिज होने की वजह से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि, बताया जा रहा है कि वो अपनी जमानत के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती हैं।
बताया जा रहा है कि मेधा पाटकर को किडनैपिंग के केस में गिरफ्तार किया गया है। धार जिले के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज प्रवीण व्यास ने तीन मामलों में पाटकर की जमानत याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने उन्हें दो मामलों में उन्हें जमानत देने की अनुमति दे दी, लेकिन नर्मदा बचाओं आंदोलन (एनबीए) के कार्यकर्ताओं ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों के कथित अपहरण से संबंधित मामले में उन्हें जमानत से इनकार कर दिया।
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सेशन कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद पाटकर के वकील ने बताया कि वे अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अपनी याचिका लेकर जाएंगे। आरोप है कि एनबीए कार्यकर्ताओं ने जबरन रिवेन्यू डिपार्टमेंट के अधिकारियों को वेन्यू से उठा लिया, साथ ही उनकी सरकारी फाइलों को भी उनसे छीन लिया। इसके बाद पाटकर को 4 आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया और उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 353 और 356 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।