विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा है कि केवल एक देश की वजह से भारत परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता हासिल नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि कुछ अन्य देशों ने भी भारत के सदस्यता के संबंध में प्रक्रिया संबंधी प्रश्न उठाए थे जिसका यह मतलब कतई नहीं था कि वो विरोध कर रहे थे। यह सिर्फ इसलिए था क्योंकि उनके पास कुछ अन्य सुझाव थे कि कैसे भारत को एनएसजी में प्रवेश मिल सके।
भारत और पाक के रिश्तों के मुद्दे पर स्वरूप ने कहा कि दोनों देश आपस में सामान्य नागरिकों और मछुवारों की सूची का आदान प्रदान कर रहे हैं जो जेलों में बंद हैं। भारत पाक रिश्तों के संदर्भ में हाल ही में पाक के पूर्व एनएसए सरताज अजीज की टिप्पणी पर स्वरूप ने कहा कि भारत कभी भी पाक से रिश्ते रखने के लिए अनिच्छुक नहीं रहा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पाक से हर मुद्दे पर द्विपक्षीय बात करने को तैयार है जो आतंक और हिंसा के वातावरण से दूर हो।
भारत पाक वार्ता पर स्वरूप ने आगे कहा कि इस साल जनवरी के पहले सप्ताह में विदेश सचिव व्यापक द्विपक्षीय वार्ता होनी थी लेकिन पठानकोट हमले के बाद अब हम पाक कि ओर से जांच पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। स्वरूप ने कहा कि भारत मुंबई हमलों के संदर्भ में पाकिस्तान का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पाक की ओर से दावा किया गया था कि इस संदर्भ में उनके विदेश सचिव की ओर से हमारे विदेश सचिव को पत्र लिखा गया है लेकिन अभी तक कोई भी नया पत्र मुंबई हमलों के संदर्भ में नहीं मिला है।